किशनगंज। जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत के बाद हड़कंप मच गया है। घटना के बाद जिलाधिकारी विशाल राज ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जिले के सभी नशा मुक्ति केंद्रों की सघन जांच के आदेश दिए हैं।

​पीट-पीटकर हत्या का आरोप

​मामला बहादुरगंज थाना क्षेत्र के लोहागड़ा निवासी मोहम्मद कलाम (पिता इस्माइल) से जुड़ा है। कलाम को सूफिया चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र में करीब नौ दिन पहले भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि केंद्र के भीतर कलाम के साथ बर्बरता की गई और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई। मृतक के शरीर पर मिले चोट के निशान इन आरोपों को और पुख्ता कर रहे हैं।

​अस्पताल में शव छोड़ फरार हुए कर्मी

​घटना के दसवें दिन केंद्र संचालकों ने परिजनों को कलाम की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी। आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जैसे ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया, केंद्र के तमाम कर्मचारी मौके से फरार हो गए। हालांकि, इस बीच कुछ बिचौलियों की सक्रियता के कारण मामला संदिग्ध मोड़ पर पहुंच गया और परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर घर लौट गए।

​बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था केंद्र

​जिलाधिकारी विशाल राज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि उक्त केंद्र का कोई वैध पंजीकरण नहीं था। DM ने स्पष्ट लहजे में कहा कि नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से संचालित हो रहे केंद्रों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​आठ महीने पहले हुई थी शादी

​मृतक कलाम की शादी महज आठ महीने पहले हुई थी। वह सूखे नशे की लत से जूझ रहा था, जिसे छुड़ाने की उम्मीद में परिवार ने उसे केंद्र भेजा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह वहां से कभी जिंदा वापस नहीं आएगा। इस घटना के बाद स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि जिले में कुकुरमुत्ते की तरह खुले मानकों के विपरीत नशा मुक्ति केंद्रों पर तत्काल तालाबंदी की जाए।