Rajasthan News: जोधपुर में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के चाय वाले बयान पर कहा कि गहलोत साहब मुझे चाय पर बुलाने के बजाय कहीं और भेजने के चक्कर में थे।

तीस मार खां वाले बयान पर मचा बवाल
दरअसल, इस पूरी लड़ाई की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान से हुई थी। गहलोत ने बिना नाम लिए शेखावत पर तंज कसा था कि अगर वो एक-दो कप चाय हमारे साथ पी लेते, तो हम बताते कि काम कैसे करवाया जाता है। गहलोत ने यह भी कह दिया था कि ये लोग तो खुद को तीस मार खां समझते हैं, हमारी सुनता कौन है।
सफल नहीं हुए तो अब खीझ निकाल रहे
जोधपुर एयरपोर्ट पर जब मीडिया ने इस बारे में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से पूछा, तो उन्होंने भी करारा जवाब दिया। शेखावत ने कहा, जब चाय पर बुलाने की जरूरत थी, तब वो राजस्थान के मुख्यमंत्री थे। उस समय राज्य को जल जीवन मिशन में सबसे ज्यादा पैसा मिला था। तब चर्चा करना जरूरी था, लेकिन वो तय कार्यक्रमों के बाद भी बचते रहे। शेखावत ने आगे कहा कि चाय पर बुलाने के बजाय वो मुझे जेल या कहीं और भेजने की कोशिश में जुटे थे, लेकिन जब कामयाब नहीं हुए तो आज तक उनकी वो खीझ सामने आ रही है।
एयरपोर्ट के काम को लेकर श्रेय लेने की होड
राजनीति सिर्फ बातों तक नहीं रुकी, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल को लेकर भी दोनों नेता आमने-सामने हैं। शेखावत ने साफ कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन का इंतजाम हमने करवाया। एलिवेटेड रोड के काम में नितिन गडकरी का बड़ा हाथ रहा है। कुछ लोग अब इसका क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जोधपुर की जनता सब अच्छे से जानती है कि काम किसने करवाया है।
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