Kota POCSO Case: राजस्थान के कोटा में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के करीब दो साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया। पॉक्सो क्रम संख्या-2 न्यायालय ने घटना के समय 16 साल से अधिक उम्र के आरोपी किशोर को 20 साल के कठोर कारावास और 6 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी की उम्र घटना के समय 16 साल से अधिक होने के कारण किशोर न्यायालय ने मामले को वयस्क की तरह सुनवाई के लिए पॉक्सो कोर्ट भेजा था।

तीन से चार दिन तक दुष्कर्म का आरोप

विशिष्ट लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह भाणावत के मुताबिक, 24 सितंबर 2024 को शहर के एक पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग बालिका को उसका नाबालिग दोस्त बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।

आरोप है कि आरोपी ने बालिका के साथ तीन से चार दिन तक दुष्कर्म किया। बालिका की ओर से 25 सितंबर को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को निरुद्ध किया और उसे किशोर सुधार गृह भेज दिया था।

16 साल से अधिक उम्र होने पर वयस्क की तरह चला ट्रायल

मामले की शुरुआत में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई किशोर न्यायालय में चल रही थी। घटना के समय उसकी उम्र 17 साल से कम थी। हालांकि, उसकी उम्र 16 साल से अधिक होने के कारण किशोर न्यायालय ने मामले को वयस्क की तरह सुनवाई के लिए पॉक्सो क्रम संख्या-2 न्यायालय भेज दिया।

इसके बाद पॉक्सो कोर्ट में 5 फरवरी 2025 से मामले की सुनवाई चल रही थी। बुधवार को न्यायाधीश पवन अग्रवाल ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

21 साल की उम्र तक किशोर सुधार गृह में रहेगा

विशिष्ट लोक अभियोजक के अनुसार, आरोपी की वर्तमान उम्र 18 साल 19 दिन है। अदालत के आदेश के तहत उसे 21 साल की उम्र तक किशोर सुधार गृह में रखा जाएगा। इसके बाद उसे केंद्रीय कारागार भेजा जाएगा।

अदालत ने आरोपी के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए सजा के साथ उसे विभिन्न गतिविधियों में शामिल करने के निर्देश भी दिए हैं।

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