कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित पिपली में संत रामपाल के सतलोक आश्रम पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आश्रम पर गोलियां चलाने के लिए आरोपी अनिल उर्फ सोपू उर्फ तोतला को मात्र 5,000 रुपये दिए गए थे। इस पूरी वारदात की फंडिंग विदेश से हुई थी और देशी पिस्टल भी एक स्थानीय गुर्गे के जरिए उस तक पहुंचाई गई थी।

करनाल एनकाउंटर में पकड़ा गया था शूटर

21 और 22 अक्टूबर की दरमियानी रात पिपली स्थित सतलोक आश्रम के गेट पर लगे बोर्ड पर गोलियों के निशान मिले थे। इसके बाद 23 अक्टूबर को आश्रम के इंचार्ज पुरुषोत्तम दास ने सदर थानेसर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के अगले ही दिन 23 अक्टूबर को करनाल पुलिस ने भैणी खुर्द और रुकनपुर गांव के बीच नाकाबंदी के दौरान एक शॉर्ट एनकाउंटर में अनिल उर्फ तोतला को गिरफ्तार किया था। अनिल द्वारा पुलिस टीम पर की गई फायरिंग के जवाब में उसके पैर में गोली लगी थी। हालांकि, उस समय उसका सतलोक आश्रम मामले में शामिल होना सामने नहीं आया था।

हथियार सप्लायर की गिरफ्तारी से खुला राज

मामले की जांच कर रही कुरुक्षेत्र पुलिस ने जब हथियार सप्लाई करने वाले करनाल के अरजेहड़ी गांव निवासी प्रेमचंद को गिरफ्तार किया, तब अनिल का नाम उजागर हुआ। अनिल ने पूछताछ में कबूल किया कि उसे वंश (उर्फ शूटर समाना) ने कैश और हथियार उपलब्ध कराया था। 23 वर्षीय वंश करनाल का रहने वाला है और त्रिशूल गैंग से जुड़ा है। 5 अगस्त को करनाल के बीरू वाल्मीकि हत्याकांड में भी वंश का नाम आया था।

विदेश से ऑपरेट हो रहा गैंग

पुलिस के मुताबिक, मास्टरमाइंड वंश फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दुबई या यूरोप भाग चुका है। वह विदेश में बैठकर ही इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया के जरिए भारत में वारदातों को अंजाम दे रहा है। आरोपी को वारदात के बाद पिस्टल अपने पास ही रखने की छूट दी गई थी। कुरुक्षेत्र पुलिस अब अनिल को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि विदेश में बैठे गैंगस्टरों और त्रिशूल गैंग से उसके नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।

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