देहरादून नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से जुड़ी 47 महिला स्वयं सहायता समूहों को 1.97 करोड़ रुपये से अधिक के यूजर चार्ज चेक बांटे हैं। लखपति दीदी पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बेहतर कलेक्शन करने वाले समूहों को सम्मानित कर आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा दिया गया।

देहरादून। जिले के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने का काम संभाल रहीं महिला स्वयं सहायता समूहों को उनकी मेहनत का फल मिला है। लखपति दीदी योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम ने 47 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को यूजर चार्ज के रूप में जुटाए गए 1,97,20,518 रुपये के चेक वितरित किए। सोमवार को आयोजित समारोह में महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने संयुक्त रूप से महिलाओं को यह राशि सौंपी।

कार्यक्रम के दौरान महापौर सौरभ थपलियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम महिलाओं को शहर की सफाई व्यवस्था का मुख्य आधार बनाकर उन्हें नियमित कमाई और सम्मानजनक काम उपलब्ध करा रहा है।

सालाना करीब दो करोड़ की वसूली

नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में महिला सशक्तिकरण और self-employment को सबसे ऊपर रखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान यूजर चार्ज संग्रहण में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

दूसरी तिमाही में 64,19,685 रुपये, तीसरी तिमाही में 51,38,635 रुपये और चौथी तिमाही में 81,62,198 रुपये की वसूली हुई। इस तरह पूरे साल में कुल 1,97,20,518 रुपये एकत्रित किए गए, जिसका श्रेय महिला समूहों की लगन और नागरिकों के सहयोग को जाता है।

संग्रहण में ये समूह रहे सबसे आगे

चौथी तिमाही के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो वार्ड-98 के ‘आदर्श’ स्वयं सहायता समूह ने 5,83,590 रुपये का कलेक्शन करके पहला स्थान हासिल किया। वहीं वार्ड-4 का ‘अपेक्षा’ समूह 3,59,240 रुपये जमा कर दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे पायदान पर वार्ड-64 का ‘कात्यायनी आजीविका’ समूह रहा, जिसने 3,30,430 रुपये का यूजर चार्ज एकत्र किया।