हरियाणा के हिसार जिले की रहने वाली लक्षिका मित्तल ने राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) में 181वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर बड़ी सफलता पाई है। एक पुस्तक विक्रेता की बेटी लक्षिका ने इस कठिन परीक्षा में 720 में से 685 अंक अर्जित किए हैं।
हिसार। जिले की रहने वाली एक होनहार छात्रा ने देश की सबसे कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। लाहौरिया चौक क्षेत्र की निवासी लक्षिका मित्तल ने राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) में शानदार प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर 181वां रैंक (AIR-181) हासिल किया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में लक्षिका ने कुल 720 अंकों में से 685 अंक अर्जित कर अपनी कड़ी मेहनत और लगन का परिचय दिया है। इस बड़ी कामयाबी के बाद उनके दादा कृष्ण लाल मित्तल और दादी विद्या देवी समेत पूरे परिवार में जश्न का माहौल है।
पिता की किताबों की दुकान
लाखों परीक्षार्थियों की भागीदारी वाली इस राष्ट्रीय परीक्षा में शीर्ष रैंक पाना एक असाधारण उपलब्धि माना जाता है। लक्षिका के पिता प्रवीन कुमार मित्तल शहर में ही एक किताबों की दुकान चलाते हैं, जो बेटी की इस सफलता से बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। परिणाम घोषित होने के बाद लक्षिका की माता सुमन मित्तल ने अपनी बेटी का मुंह मीठा करवाकर प्रसन्नता व्यक्त की। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश स्तर पर स्थान बनाने वाली इस बेटी की कामयाबी ने क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है।
डॉक्टर बनने का लक्ष्य
अपनी सफलता की रणनीति और भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए लक्षिका मित्तल ने स्पष्ट किया कि निरंतर कठिन परिश्रम, कड़े अनुशासन और खुद पर अटूट विश्वास की बदौलत किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अब वे देश के किसी प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने के अपने बचपन के सपने को साकार करेंगी। छात्रा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और स्थानीय निवासी भी परिवार को शुभकामनाएं दे रहे हैं।

