लखनऊ. उत्तर प्रदेश में सरकारी कामकाज और जनता की शिकायतों के निस्तारण की निगरानी के लिए बनाए गए सीएम डैशबोर्ड की जुलाई की रैंकिंग में रामपुर ने एक बार फिर बाजी मारी है. रामपुर ने 10 में से 9.58 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान पाया है. शाहजहांपुर 9.43 अंकों के साथ दूसरे और बरेली 9.40 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा.

रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के मुताबिक जुलाई में सीएम डैशबोर्ड के जरिए जिले की 59 योजनाओं और कार्यक्रमों की निगरानी की गई. इनमें से 56 में जिले को ए ग्रेड मिला. वैकल्पिक ऊर्जा, ऊर्जा, कृषि, समाज कल्याण, पंचायती राज, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन, उद्योग, सिंचाई और सहकारिता समेत कई विभागों ने तय लक्ष्य हासिल किए. उन्होंने कहा कि रामपुर पिछले कई महीनों से सीएम डैशबोर्ड की टॉप-10 रैंकिंग में बना हुआ है. जुलाई में भी उसके प्रदर्शन ने उसे प्रदेश में पहला स्थान दिलाया.

इसे भी पढ़ें- हादसा होते-होते बचा! वाराणसी एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान मचा हड़कंप, बाल-बाल बचे 154 मुसाफिर

शाहजहांपुर दूसरे और बरेली तीसरे नंबर पर

शाहजहांपुर ने 9.43 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक विकास कार्यों को समय से पूरा करने के साथ जनशिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है. वहीं बरेली ने 9.40 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. अधिकारियों के मुताबिक सीएम डैशबोर्ड की निगरानी से विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार आया है और योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

अंबेडकरनगर और मैनपुरी भी टॉप-5 में

जुलाई की रैंकिंग में अंबेडकरनगर 9.34 अंकों के साथ चौथे और मैनपुरी 9.30 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा. आजमगढ़ 9.27 अंकों के साथ छठे और महाराजगंज 9.25 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहा. इसी तरह बुलंदशहर और बागपत ने 9.23-9.23 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से आठवां स्थान पाया. लखीमपुर खीरी 9.20 अंकों के साथ नौवें स्थान पर रहा. वहीं सुल्तानपुर और सोनभद्र ने 9.18-9.18 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से दसवां स्थान हासिल किया है.

इसे भी पढ़ें- राम के ‘लुटेरों’ को राहत नहीं! चढ़ावा चोरी में जेल गए 8 आरोपियों की बढ़ी रिमांड, धारा हटाने की अर्जी पर 12 को होगी सुनवाई

गौरतलब है कि सीएम डैशबोर्ड के जरिए जिलों में चल रही योजनाओं, विकास कार्यों और जनशिकायतों के निस्तारण की लगातार निगरानी की जाती है. जुलाई की रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में खास तौर पर शिकायतों के समय से निस्तारण और लोगों से मिले फीडबैक का असर दिखाई दिया है.