पटना। बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से मुलाकात की है। दोनों नेता सोमवार देर रात कपिल सिब्बल के आवास पहुंचे थे। इस मुलाकात के बाद बिहार के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, लालू और तेजस्वी यादव के बीच कपिल सिब्बल से नौकरी के बदले जमीन (लैंड फॉर जॉब) मामले में कानूनी पैरवी को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
लालू परिवार की बढ़ी कानूनी चुनौती
लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्य जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है। यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज शिकायत पर आधारित है। दिल्ली की अदालत में इस मामले में आरोप तय करने को लेकर सुनवाई चल रही है। विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार ने पहले कहा था कि ईडी के वकील आरोप तय करने के बिंदु पर नए सिरे से दलीलें पेश करना चाहते हैं। इससे पहले विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोप तय करने के संबंध में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। ईडी ने 16 मार्च को आरोप तय करने के बिंदु पर अपनी दलीलें पूरी की थीं।
क्या है लैंड फॉर जॉब मामला?
यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान भारतीय रेलवे के अलग-अलग जोन में ग्रुप-डी के पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया। इसके बदले अभ्यर्थियों या उनके परिवारों से जमीन लेकर लालू परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनी के नाम हस्तांतरित कराई गई। सीबीआई ने इस मामले में लालू प्रसाद, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों समेत 41 आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोप तय करने का आदेश दिए जाने की जानकारी दी थी।
राबड़ी, मीसा और तेजस्वी भी आरोपी
ईडी की चार्जशीट में राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, अमित कात्याल और रेलवे के पूर्व कर्मचारी हृदयानंद चौधरी समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। बाद में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को भी आरोपी बनाया गया। अब कपिल सिब्बल से लालू और तेजस्वी की मुलाकात को इसी मामले की कानूनी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मुलाकात का वास्तविक एजेंडा आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है।

