Lalu Yadav Bail: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को 15 साल पुराने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बड़ी राहत मिली है। दरअसल आज शुक्रवार (6 नवंबर) को वह सीवान कोर्ट में पेश हुए, जहां अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। उनकी पेशी अरबिंद सिंह की अदालत में हुई। इस दौरान कोर्ट परिसर में लालू यादव को देखने और उनसे मिलने के लिए समर्थकों की भीड़ जुटी रही।

2011 के विस चुनाव से जुड़ा है मामला

यह मामला साल 2011 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। उस वक्त लालू यादव दरौंदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे थे। आरोप है कि चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी उन्होंने सभा में भाषण दिया था। इसी को लेकर उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। इस केस में लालू यादव के साथ चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी परमेश्वर सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि, परमेश्वर सिंह का निधन हो चुका है।

दरौंदा थाने में दर्ज हुआ था केस

लालू यादव के वकील ने बताया कि इस मामले में दरौंदा थाने में केस संख्या 145/11 दर्ज किया गया था। इसमें आईपीसी की धारा 144 और लाउडस्पीकर एक्ट की धारा 9 लगाई गई थी। मामले में अदालत में पेश नहीं होने के कारण पहले जमानती वारंट जारी हुआ। इसके बाद कोर्ट की ओर से रिमाइंडर और गैर-जमानती वारंट भी जारी किए गए थे।

खराब स्वास्थ्य के कारण पेशी में हुई देरी

लालू यादव के वकील के मुताबिक, उनकी तबीयत ठीक नहीं रहने के कारण अदालत में पेशी में देरी हुई थी। इस वजह से उनके निर्देश पर कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट देने के लिए आवेदन भी दिया गया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। वकील ने बताया कि लालू यादव पहले बिहार के मुख्यमंत्री और देश के रेल मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कभी भी अदालत में पेश होने से इनकार नहीं किया। शुक्रवार को कोर्ट के निर्देश पर वह पेश हुए, जिसके बाद अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली।

पेशी के दौरान मीडियाकर्मियों ने लालू यादव से कई सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने के कारण उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।

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