Gangster Lawrence Bishnoi: राजस्थान हाईकोर्ट में शनिवार को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बयान दर्ज किए गए। साबरमती जेल, गुजरात से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह कार्यवाही हुई। ट्रैवल व्यवसायी मनीष जैन से रंगदारी वसूली के मामले में पूछे गए सवालों के जवाब में लॉरेंस ने आरोपों को खारिज करते हुए पूरे प्रकरण को झूठा बताया। पुलिस पर फर्जी कार्रवाई कर फंसाने का आरोप लगाते हुए लॉरेंस ने कहा कि वह जेल में बंद था, ऐसे में मोबाइल पर धमकी देना संभव नहीं है।

क्या है मामला?
17 मार्च 2017 को जोधपुर के शास्त्री नगर थाने में ट्रैवल व्यवसायी मनीष जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी दुकान पर दो अज्ञात व्यक्तियों ने फायरिंग का प्रयास किया, लेकिन रिवॉल्वर में गोली फंसने के कारण फायर नहीं हो सका। घटना के बाद मनीष को अंतरराष्ट्रीय कॉल के जरिए लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी मिली और रंगदारी मांगी गई। मनीष ने इस संबंध में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे।
वकील का तर्क: घटना के वक्त जेल में था लॉरेंस
जोधपुर महानगर मजिस्ट्रेट संख्या-7 हर्षित हाड़ा की अदालत में लॉरेंस बिश्नोई ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होकर अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया। उनके वकील संजय बिश्नोई ने दावा किया कि लॉरेंस पिछले 11 वर्षों से पुलिस हिरासत में हैं और घटना के समय वह जोधपुर में नहीं, बल्कि जेल में थे। वकील ने पुलिस पर झूठे आरोप लगाकर फंसाने का भी आरोप लगाया।
55 सवालों के जवाब अधूरे
इस सुनवाई में कोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई को 55 सवालों की सूची दी थी। हालांकि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सिर्फ कुछ सवालों के जवाब ही दर्ज किए जा सके।
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