अमित पाण्डेय, खैरागढ़। डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग पर एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा है। रास्ते में स्थित एक ढाबा के पास एक पुल पर तेंदुआ आराम करता दिखाई दिया। रास्ते से गुजर रहे एक वाहन चालक की नजर जैसे ही तेंदुए पर पड़ी, उसने मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया। अब यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, इस इलाके में तेंदुए की मौजूदगी कोई पहली घटना नहीं है। अलग-अलग जगहों पर तेंदुए दिखाई देने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।

पुल पर बैठा नजर आया तेंदुआ

वायरल वीडियो में सड़क के बीच बने पुल पर एक तेंदुआ आराम से बैठा नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि देर रात तेंदुआ काफी देर तक पुल पर बैठा रहा। इसी दौरान किसी वाहन चालक ने उसका वीडियो बना लिया। हालांकि, इस वीडियो की तारीख और सटीक लोकेशन की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

पहले भी सामने आ चुके हैं तेंदुए

इस वीडियो ने एक बार फिर डोंगरगढ़-खैरागढ़ के बीच फैले जंगल और पहाड़ी इलाके में तेंदुओं की मौजूदगी को चर्चा में ला दिया है। इस क्षेत्र में पहले भी तेंदुए की तस्वीरें और वीडियो सामने आते रहे हैं। मई 2025 में डोंगरगढ़ के सुदर्शन पहाड़ पर तेंदुआ दिखाई दिया था। रिहायशी इलाके से लगे पहाड़ पर तेंदुए की मौजूदगी के बाद वन विभाग ने उसकी तलाश और निगरानी शुरू की थी। उस समय भी इलाके में लंबे समय से तेंदुए के आने-जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद अगस्त 2026 में खैरागढ़ वन मंडल के करेला-भंडारपुर स्थित मां भवानी मंदिर के आसपास भी तेंदुआ दिखाई देने की तस्वीरें सामने आई थीं। तत्कालीन डीएफओ पंकज राजपूत ने तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए वन विभाग की टीम द्वारा निगरानी किए जाने की जानकारी दी थी।

यानी कभी पहाड़ी पर तेंदुआ नजर आया, कभी मंदिर के आसपास और अब सड़क के पुल पर। अलग-अलग जगहों पर तेंदुए की मौजूदगी यह बताती है कि डोंगरगढ़-खैरागढ़ का यह वन क्षेत्र वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण रहवास क्षेत्र है। जंगल, पहाड़ियों और ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरने वाली सड़कें वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन वाले क्षेत्रों से भी जुड़ी हैं। ऐसे में कई बार वन्यजीव सड़क या इंसानी बस्तियों के आसपास दिखाई दे जाते हैं। लेकिन यहां सबसे बड़ी चुनौती इंसान और वन्यजीव के बीच बढ़ते संपर्क को सुरक्षित बनाए रखने की है। क्योंकि इस इलाके में वन्यजीवों की मौजूदगी के साथ उनकी मौत के मामले भी सामने आ चुके हैं। दिसंबर 2025 में खैरागढ़ वनमंडल के दैहान क्षेत्र में एक मादा तेंदुए की मौत का मामला सामने आया था। जांच के दौरान उसके शिकार और शरीर के अंग अलग किए जाने की बात सामने आई थी। वन विभाग ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। वहीं, जनवरी 2026 में डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र के रानीगंज इलाके में भी एक तेंदुआ मृत मिला था। लगातार सामने आए ऐसे मामलों ने इस पूरे वन क्षेत्र में तेंदुओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

ऐसे में सड़क पर तेंदुआ दिखाई देने का यह वीडियो सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं है। यह उस जंगल की तस्वीर भी सामने लाता है, जहां वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। खासकर डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग पर वाहन चालकों के लिए भी सावधानी जरूरी है। अगर सड़क पर तेंदुआ दिखाई दे तो वाहन रोककर सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए। उसके करीब जाने, पीछा करने, हॉर्न बजाने या भीड़ लगाकर वीडियो बनाने से बचना जरूरी है। क्योंकि अचानक घिर जाने पर वन्यजीव का व्यवहार बदल सकता है और इंसान के साथ-साथ तेंदुए की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। एक और अहम बात यह है कि तेंदुए की सटीक लोकेशन को बड़े स्तर पर सार्वजनिक करना भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं माना जाता। ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने के साथ वन विभाग को सूचना देना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

फिलहाल ढाबा के पास पुल पर तेंदुआ दिखाई देने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो की तारीख और समय की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। लेकिन डोंगरगढ़ के सुदर्शन पहाड़ से लेकर खैरागढ़ के करेला-भंडारपुर और अब डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग तक तेंदुए की मौजूदगी के सामने आए मामले इस पूरे इलाके के वन्यजीव संसार की एक तस्वीर जरूर दिखाते हैं। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि तेंदुआ सड़क पर क्यों आया, बल्कि सवाल यह भी है कि जंगल और सड़क के बीच बढ़ते इस संपर्क को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ताकि जंगल भी सुरक्षित रहे और इंसान भी।

देखिये वायरल वीडियो-

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