रायपुर। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडेय ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस के पांच वर्षों के कार्यकाल में राज्य में कोयला, शराब और सट्टा जैसे अनेक घोटालों के माध्यम से भारी लूट मचाई गई, जिससे छत्तीसगढ़ की छवि पूरे देश में धूमिल हुई है।

संतोष पांडेय ने गुरुवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ लौह शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा भी मौजूद रहे। सांसद पांडेय बताया कि 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले के मामले में 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों एवं कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चालान पेश किया गया है। इस मामले में कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, यश टुटेजा, अनवर ढेबर, बी.आर. लोहिया और कुमार भाई ठक्कर उर्फ रंजन ठक्कर सहित कई अन्य व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि रंजन ठक्कर के खिलाफ फरारी में चालान पेश किया गया है। अन्य नामों में प्रवीण केडिया, राजेंद्र जायसवाल, चुन्नू जायसवाल, भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया, गोल्डी भाटिया और प्रिंस भाटिया सहित अन्य लोग शामिल हैं।
शराब घोटाले में अवैध बिक्री और कमीशनखोरी के आरोप
सांसद पांडेय ने घोटाले के तौर-तरीकों का ब्यौरा देते हुए कहा कि डिस्टिलरी संचालकों से वैध शराब की आपूर्ति पर कमीशन लेने के साथ-साथ बिना आबकारी शुल्क चुकाए अवैध शराब (पार्ट-बी शराब) तैयार कराई गई और सरकारी दुकानों के माध्यम से उसकी अवैध बिक्री की गई। इसी तरह अतिरिक्त खाली बोतलों की आपूर्ति और फर्जी परिवहन परमिटों के जरिए अवैध शराब को दुकानों तक पहुंचाया गया। पार्ट-बी शराब की बिक्री से मिलने वाली नकद रकम को अलग रखकर सिंडिकेट की अवैध बिक्री में मदद पहुंचाई गई। एफएल-10ए लाइसेंसी कंपनियों के माध्यम से विदेशी शराब की आपूर्ति पर कमीशन वसूला गया। हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के जरिए अवैध धन को देश के विभिन्न शहरों और विदेश (दुबई) तक भेजा गया। इस अवैध नकद राशि को बैंक एंट्री के माध्यम से अनसिक्योर्ड लोन दिखाकर जमीन और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया।
लॉकडाउन के दौरान भी अवैध बिक्री का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना महामारी के लॉकडाउन के दौरान सिलतरा (रायपुर) स्थित एन.वी. डिस्टिलरी में नया उत्पादन कर और पहले से रखी शराब को होटल-बार के जरिए अवैध रूप से बेचने के साक्ष्य भी चालान में शामिल हैं। संतोष पांडेय ने मांग की कि राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय ‘राजीव भवन’ के निर्माण से जुड़े सभी कागजात सार्वजनिक किए जाएं और प्रदेश के सभी कांग्रेस कार्यालयों को राजसात किया जाए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से कार्रवाई की मांग
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व और मल्लिकार्जुन खड़गे से मांग की गई कि वे सभी दागी नेताओं को उनके राजनीतिक दायित्वों से तत्काल मुक्त करें और छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगें। पांडेय ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल पूरी कांग्रेस पार्टी के लिए “एटीएम” की तरह काम कर रहे थे; अतः इस प्रकार के संगठित भ्रष्टाचार के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक मान्यता भी रद्द की जानी चाहिए।
लूट और भ्रष्टाचार से छत्तीसगढ़ को किया गया कलंकित
संतोष पांडेय ने कहा कि लूट और भ्रष्टाचार से इन नेताओं ने छत्तीसगढ़ को कलंकित किया है। प्रदेश की छवि देशभर में खराब की है। प्रदेश से इन्हें माफी मांगनी चाहिए। अगर कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व इन घोटालेबाजों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करता, तो इसका मतलब है कि वह भी इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के संसाधनों की चोरी करने वाले अब वोट चोरी की बात कर रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए। कांग्रेस ने प्रदेश के भरोसे की चोरी की है। जनता के विश्वास पर डाका डाला है। भाजपा तथ्यों को जुटाकर राज्यपाल, चुनाव आयोग और सभी संबंधित संवैधानिक संस्थाओं को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग करेगी।
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