सतीश सिंह, लखनऊ. वर्ष 2022 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने संकल्प पत्र में 60 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के वादे के तहत बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अक्टूबर-नवंबर में स्नातक की पढ़ाई कर रही 50 हजार बेटियों को स्कूटी उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योजना का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया है. उन्होंने बताया कि जब देश मुगल आक्रांताओं की अराजकता की चपेट में था, तब लोकमाता अहिल्याबाई ने सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण किया तथा महिला स्वावलंबन का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया. विदेशी आक्रांताओं द्वारा क्षतिग्रस्त सैकड़ों मंदिरों का पुनरुद्धार भी उन्होंने करवाया था. महिला स्वावलंबन की बात होने पर उनका नाम श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण किया जाता है.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार आधी आबादी को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनी है. इसमें बेटी के जन्म से लेकर शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, सुरक्षा और सम्मान की गारंटी शामिल है. सरकार की हर योजना, हर निर्णय और हर बजट इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए समर्पित है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय हर बेटी, बहन और माता की जुबान पर ‘देख सपाई बिटिया घबराई’ का नारा गूंजता था. बेटी की सुरक्षा पर संकट था, सम्मान नहीं था और स्वावलंबन की स्थिति दयनीय थी. कोई इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन, महिला बीट सिस्टम या महिला हेल्पडेस्क नहीं थी. पेंशन और छात्रवृत्ति बिचौलिए तय करते थे, पुष्टाहार पर माफिया का कंट्रोल था. कर्फ्यू लगने पर सबसे ज्यादा परेशानी माताओं-बहनों को होती थी. माफिया सिंडिकेट की सत्ता प्रदेश की सत्ता के समानांतर चलती थी.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार आने के बाद उपद्रव को उत्सव में बदल दिया गया, कर्फ्यू और दंगा से मुक्त करके यूपी को चंगा बनाया गया. अब हर योजना का केंद्र बिंदु बेटी और आधी आबादी है. उन्होंने कहा कि हमारा पहला संकल्प था कि उत्तर प्रदेश की बेटी को भयमुक्त वातावरण देंगे और उसे अपने विश्वास के दम पर खड़ा होने का पूरा अवसर देंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे यूपी में मात्र 12 प्रतिशत बेटियां ही अपने पैरों पर खड़ी होकर काम-धाम करने के लायक हो पाती थीं. नकल एक उद्योग बन चुका था. मेधावी बेटी मेहनत करती थी, लेकिन डिग्री पैसे वाला खरीद लेता था.कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने की योजना का नाम भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा जा रहा है.
यह है लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं को यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की सभी बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी. महिलाओं को आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाकर इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकेगा. योजना से एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है. रोजाना करीब 88,000 महिला यात्रियों को इसका फायदा पहुंचेगा, जबकि सरकार पर हर महीने लगभग 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा. पात्र महिलाओं को परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे.
50 बसों से लाई गई महिलाएं
योजना के शुभारम्भ के मौके पर परिवहन निगम की तरफ से 50 सरकारी बसों में लखनऊ व आसपास की महिलाओं को लाया गया था. कार्यक्रम में शामिल उत्साहित महिलाओं से मुख्यमंत्री ने संवाद करने के साथ ही प्रतीकात्मक स्वरूप स्मार्ट कार्ड भी वितरित किया. कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 विशेष बसों को हरी झंडी भी दिखाने के साथ ही सेल्फी भी ली।


