Dharm Desk – ऐसा कहा जाता है शनिवार का दिन न्याय और कर्मफल के देवता शनिदेव को समर्पित होता है. इस दिन लोग पूजा-पाठ दान और कुछ विशेष उपाय करते हैं. जिससे जीवन में आ रही बाधाएं परेशानियां दूर कि जा सके किन्तु शास्त्रों में केवल पूजा ही नहीं उन संकेतों का भी बहुत महत्व बताया गया है. ऐसा माना जाता है कि शनिदेव अपनी सवारियों के माध्यम से भी इंसान को आने वाले समय के संकेत देते हैं. ये संकेत कभी अच्छे तो कभी सतर्क करने वाले होते हैं.

आज के समय में हर सवारी का दिखना संभव नहीं होता, लेकिन कुछ ऐसे पशु-पक्षी हैं जो रोजमर्रा के जीवन में आसानी से दिख जाते हैं. उसी के हिसाब से दिन के शुभ-अशुभ इशारों को समझा जा सकता हैं. यदि मनुष्य इन इशारों को समझकर अपने व्यवहार में संयम और सावधानी रखे तो कई परेशानियों से बच सकता है और अच्छे अवसरों का लाभ उठा सकता है.

शनिदेव की सवारियां और उनके संकेत

कौवे का दिखना

शनिवार के दिन अगर कौवा दिखाई दे तो यह इस और इशारा करता है कि दिन में किसी बात को लेकर तनाव या झगड़े हो सकते है. इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होता है. वहीं भैंसा नजर आना मिला-जुला फल देता है. जो यह दर्शाता है कि परिस्थितियां कभी पक्ष में तो कभी विपक्ष में जा सकती हैं.

गधे का दिखना

गधे का दिखना अच्छा नहीं माना जाता है. यह कामों में रुकावट या मेहनत का पूरा फल न मिलने की ओर इशारा करता है. इसके ही उल्टा अगर हमें घोड़ा दिख जाए तो इसे शुभ माना जाता है. जो ऊर्जा गति और सफलता का प्रतीक है और कार्यों में तेजी से प्रगति की और इशारा करता है.

कम दिखने वाली सवारी

कुछ सवारियां ऐसी भी होती हैं जो रोजमर्रा में कम ही दिखाई देती हैं. लेकिन शास्त्रों में उनका बहुत महत्व बताया गया है. हंस के दर्शन को बेहद शुभ माना जाता है जो बुद्धि और आर्थिक लाभ का संकेत देता है. मोर का दिखना भाग्य के साथ का संकेत देता है और कठिन परिस्थितियों से निकलने की ताकत देता है.

शेर साहस और विजय का प्रतीक माना जाता है, इसके दर्शन से आत्मविश्वास बढ़ता है और दुश्मनों पर जीत का संकेत मिलता है. सियार और हाथी को शनिदेव की सवारी के रूप में अशुभ संकेतों से जोड़ा जाता है. जो हमें सतर्क और संभल के रहने की चेतावनी देते हैं.