Business Desk – LPG New Price Today : महंगाई के बीच एलपीजी उपभोक्ताओं, खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव किया है. केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटा दी है. अब लाभार्थियों को एक साल में 9 की जगह सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी. हालांकि, प्रति सिलेंडर 300 रुपए की सब्सिडी जारी रहेगी.

इस फैसले के साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी हुई है. तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 29 रुपए की वृद्धि की है.

सब्सिडी को लेकर क्या बदला?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब सालाना 4 सिलेंडरों पर ही 300 रुपए प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी. पहले यह संख्या 9 थी. सरकार का कहना है कि यह फैसला लाभार्थियों के औसत गैस उपभोग को ध्यान में रखकर लिया गया है. सब्सिडी की राशि पहले की तरह सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी.

उज्ज्वला लाभार्थियों को कितने में मिलेगा सिलेंडर?

दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 942 रुपए हो गई है. उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपए की सब्सिडी मिलने के बाद इसकी प्रभावी कीमत 642 रुपए पड़ेगी.

प्रमुख शहरों में घरेलू LPG के नए रेट

हालिया संशोधन के बाद विभिन्न शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थानीय करों और परिवहन लागत के अनुसार अलग-अलग हैं. दिल्ली में कीमत 942 रुपए है, जबकि अन्य महानगरों में भी स्थानीय टैक्स के आधार पर दरों में अंतर है. उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने से पहले अपने स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर से ताजा कीमत की पुष्टि करने की सलाह दी गई है.

सरकार ने क्यों लिया फैसला?

सरकार का कहना है कि उज्ज्वला योजना के अधिकांश लाभार्थी औसतन साल में करीब चार सिलेंडरों का ही उपयोग करते हैं. इसी खपत पैटर्न को देखते हुए सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाने का निर्णय लिया गया है. हालांकि, प्रति सिलेंडर 300 रुपए की वित्तीय सहायता जारी रहेगी.

उज्ज्वला योजना क्या है?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी. योजना के तहत पात्र महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है और सरकार समय-समय पर सब्सिडी भी उपलब्ध कराती है. योजना से जुड़े पात्रता नियम और अन्य सेवाओं की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है.

उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने?

नए नियमों के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को सब्सिडी तो मिलती रहेगी, लेकिन अब यह लाभ केवल चार सिलेंडरों तक सीमित रहेगा. इसके बाद खरीदे जाने वाले अतिरिक्त सिलेंडरों के लिए उपभोक्ताओं को पूरा बाजार मूल्य चुकाना होगा. साथ ही, हालिया मूल्य वृद्धि का असर भी घरेलू रसोई बजट पर पड़ सकता है.