लखनऊ के अहिमामऊ में परिवहन विभाग के लिए 2.55 करोड़ रुपये की लागत से डिटेंशन-डम्पिंग यार्ड तैयार किया गया है. इसमें एक साथ 237 वाहन रखे जा सकेंगे.
सतीश सिंह, लखनऊ. लखनऊ में जब्त और निरुद्ध वाहनों को रखने की वर्षों पुरानी समस्या का जल्द समाधान होने जा रहा है. परिवहन विभाग के लिए अहिमामऊ में तैयार किया गया डिटेंशन/डम्पिंग यार्ड का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. तकनीकी समिति के निरीक्षण के बाद यार्ड को जल्द विभाग को सौंप दिया जाएगा.
इस यार्ड में करीब 2.55 करोड़ रुपये की लागत से एक साथ 136 हल्के वाहन, 15 भारी वाहन और 86 दोपहिया वाहन यानी कुल 237 वाहन रखे जा सकेंगे. अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) के.डी. सिंह गौर ने बताया कि पर्याप्त जगह न होने के कारण अब तक कई बार जब्त वाहनों को थानों या खुले स्थानों पर खड़ा करना पड़ता था. इससे थानों में जगह की कमी के साथ सड़क किनारे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती थी. नए यार्ड से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.
नगर निगम ने जमीन उपलब्ध कराई
उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम ने ग्राम अहिमामऊ में 0.780 हेक्टेयर (83,958 वर्ग फीट) भूमि अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई थी. इसके बाद मुख्य भवन, गार्ड रूम और बाउंड्री वॉल आदि के निर्माण के लिए 2.55 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई थी.
5628 वाहनों का चालान
परिवहन विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखनऊ के प्रवर्तन दलों ने अब तक 5,628 वाहनों का चालान किया है, जबकि 491 वाहन निरुद्ध किए गए. जगह की कमी के कारण कई बार इन वाहनों को सिर्फ चालान करके छोड़ना पड़ता था.
नए यार्ड के संचालन से कार्रवाई के बाद वाहनों को आसानी से और सुरक्षित तरीके से निरुद्ध किया जा सकेगा.



