लखनऊ के गोसाईगंज स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा के दौरान बिना अनुमति वीडियो बनाने को लेकर निजी चैनल के प्रतिनिधि अमित यादव और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है.
लखनऊ. गोसाईगंज स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 20 अगस्त को सत्र परीक्षा के दौरान बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश कर वीडियो बनाने और महिला शिक्षिकाओं को कैमरे के सामने बयान देने के लिए परेशान करने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. इंचार्ज प्रधानाध्यापिका विनीता श्रीवास्तव की तहरीर पर निजी चैनल के प्रतिनिधि अमित यादव और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
बिना अनुमति पहुंचे स्कूल
विद्यालय की इंचार्ज अध्यापिका विनीता श्रीवास्तव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 अगस्त को स्कूल में बच्चों की सत्र परीक्षा चल रही थी. इसी दौरान खुद को निजी चैनल का प्रतिनिधि बताने वाला अमित यादव कुछ साथियों के साथ स्कूल परिसर में पहुंच गया.
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने शिक्षा विभाग या विद्यालय प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली थी. जब अध्यापिका ने उनसे विभागीय अनुमति पत्र दिखाने को कहा तो उन्होंने कथित तौर पर बात नहीं मानी और मोबाइल व कैमरों से वीडियो बनाने लगे.
महिला शिक्षिकाओं को परेशान करने का आरोप
तहरीर में कहा गया है कि विद्यालय परिसर, पेयजल व्यवस्था और शौचालय साफ-सुथरे व व्यवस्थित थे, लेकिन इन्हें जानबूझकर गलत और भ्रामक तरीके से कैमरे में रिकॉर्ड किया गया. आरोप है कि स्कूल में तैनात दो महिला शिक्षिकाओं को जबरन कैमरे के सामने बोलने के लिए मजबूर किया गया और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया.
मौके पर मौजूद स्थानीय ग्राम प्रधान ने भी विद्यालय में नियमित साफ-सफाई होने और किसी तरह की अव्यवस्था नहीं होने की पुष्टि की. अध्यापिका ने आरोप लगाया कि राजनीतिक पूर्वाग्रह और सस्ती लोकप्रियता के चलते सरकारी योजनाओं तथा स्कूल की छवि को बदनाम करने के उद्देश्य से भ्रामक खबर को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया.
पुलिस ने दर्ज किया केस
एडिशनल डीसीपी दक्षिणी बसंत कुमार रल्लापल्ली ने बताया कि इंचार्ज अध्यापिका विनीता श्रीवास्तव की लिखित शिकायत पर अमित यादव और उसके साथियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, शांतिभंग और संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है.
पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. मामले में जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी.


