प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सहूका गांव के रहने वाले आर्मी जवान शत्रुधन यादव की जमीन गांव के ही वीरेंद्र यादव, दीपक यादव और बृजेश यादव ने खरीदी थी। इस सौदे के 16 लाख रुपये बकाया थे। जब जवान छुट्टी पर घर आया, तो उसने अपने बकाए पैसों की मांग की।
आरोप है कि पैसे देने के बहाने आरोपियों ने स्कॉर्पियो भेजकर जवान को अपने पास बुलाया। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने पर दबंगों ने उन पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। जवान किसी तरह जान बचाकर वहां से भागा। गंभीर हालत में उसे पहले रामगढ़ अस्पताल और फिर लखनऊ मिलिट्री हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां 16 सितंबर की रात 8 बजे इलाज के दौरान उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल और परिजनों का दर्द
घटना के बाद मृतक की पत्नी रिंकू कुमारी सिंह ने 5 नामजद और 4 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि रामगढ़ थाने की पुलिस ने शुरुआत में पकड़े गए तीन आरोपियों को थाने से ही छोड़ दिया था। इसके बाद जब पूरा गांव परिजनों के साथ कैमूर एसपी के पास पहुंचा, तब जाकर तीन मुख्य आरोपियों की दोबारा गिरफ्तारी हुई।
कैमूर एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि नामजद आरोपियों में से 3 को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए भी पुलिस जुटी हुई है।


मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
महज 6 वर्ष पूर्व शत्रुधन यादव का विवाह रिंकू कुमारी सिंह के साथ हुआ था। उनकी दो छोटी बेटियां हैं बड़ी बेटी रीवांशी महज 2 वर्ष की है, जबकि छोटी बेटी की उम्र अभी सिर्फ 20 दिन है। देश की सरहदों की रक्षा करने वाला जवान अपने ही घर और जिले में सुरक्षित नहीं रह सका। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।



