गाजियाबाद. गाजियाबाद में अब पेट्रोल, डीजल और सीएनजी भरवाने से पहले वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) की जांच होगी. जिले में यह व्यवस्था 1 अक्टूबर से लागू करने की तैयारी है. इसके तहत बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने पर रोक रहेगी. व्यवस्था लागू करने से पहले पेट्रोल पंपों पर मोबाइल ऐप के जरिए जांच का अभ्यास कराया जा रहा है. माना जा रहा है कि यह व्यवस्था धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में लागू होगी.

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26 हजार से ज्यादा वाहनों का PUC वैध नहीं

जिले के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद में 26,384 वाहनों का पीयूसीसी वैध नहीं है. इनमें 20,193 दोपहिया, 6,070 कार, 108 ट्रैक्टर, एक एंबुलेंस, एक मालवाहक वाहन और नौ बसें शामिल हैं. इन वाहनों के मालिकों को एक अक्टूबर से पहले वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाना होगा.

135 पेट्रोल पंप व्यवस्था के दायरे में

गाजियाबाद में करीब 135 पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पंप इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे. योजना के तहत ईंधन देने से पहले वाहन की पहचान और पीयूसीसी की वैधता जांची जाएगी. इससे बिना प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

ANPR कैमरों से होगी वाहनों की पहचान

वाहनों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाने हैं. हालांकि अभी किसी पेट्रोल पंप पर कैमरे स्थापित नहीं हुए हैं. ऐसे में फिलहाल खाद्य एवं रसद विभाग मोबाइल ऐप के जरिए जांच का अभ्यास करा रहा है. सेल्समैन वाहन का नंबर ऐप में दर्ज कर पीयूसीसी की स्थिति देख रहे हैं.

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अभी जागरूकता, फिर सख्ती

जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर व्यवस्था का परीक्षण किया है. फिलहाल बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहनों के चालकों को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. एक अक्टूबर से व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक रहेगी.