Ludhiana Police Encounter : चंडीगढ़: पंजाब के लुधियाना में हुए एक पुलिस एनकाउंटर के बाद पहचान को लेकर एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों में से एक की पहचान को लेकर खाकी वर्दी उलझ गई थी। पुलिस जिसे एक मृत अपराधी मानकर उसकी फाइल बंद करने की तैयारी में थी, आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने समय रहते उस बड़ी चूक को उजागर कर दिया।
चेहरे के मिलते-जुलते हुलिए ने बढ़ाया कन्फ्यूजन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुधियाना एनकाउंटर में मारे गए शूटरों की पहचान करने के लिए जब पुलिस ने एआई (AI) फेशियल रिकग्निशन सिस्टम में मृतक की फोटो डाली, तो उसका मिलान अमृतसर के सुल्तानविंड निवासी संदीप नामक युवक की प्रोफाइल से हो गया। दोनों का चेहरा और शारीरिक बनावट काफी हद तक एक जैसी होने के कारण शुरुआती स्तर पर पुलिस अधिकारी भी पूरी तरह असमंजस में पड़ गए और उन्होंने रिकॉर्ड में मृतक का नाम संदीप दर्ज कर लिया।
घर पहुंची पुलिस तो रह गई दंग
इस डिजिटल मिलान की जमीनी हकीकत जांचने के लिए जब पुलिस की एक विशेष टीम अमृतसर में संदीप के घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। पुलिस जिसे मृत समझकर जांच करने आई थी, वह युवक अपने घर पर बिल्कुल सही-सलामत और जिंदा मौजूद था। संदीप के जिंदा मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल प्रभाव से रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की कवायद शुरू की गई।
आखिर कौन था मृत शूटर?
एआई तकनीक और जमीनी जांच के इस तालमेल के बाद आखिरकार पुलिस को मृत शूटर की सही पहचान हासिल हुई। गहराई से की गई तफ्तीश में सामने आया कि मारा गया शूटर संदीप नहीं, बल्कि जालंधर के धीणा गांव का रहने वाला 18 वर्षीय गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी था। दोनों ही आरोपी पहले से दर्ज एक फायरिंग मामले में वांछित चल रहे थे। इस तरह तकनीक की त्वरित मदद ने पुलिस को एक बहुत बड़ी कागजी और कानूनी लापरवाही का शिकार होने से समय रहते बचा लिया।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



