सर्दियों के मौसम में राजधानी दिल्ली की सड़कों से उड़ने वाली धूल के कारण बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग 200 एंटी-स्मॉग गन वाले ट्रकों को किराए पर लेने की योजना बना रहा है। इन ट्रकों का इस्तेमाल सड़कों और धूल प्रभावित इलाकों में पानी की फुहारों का छिड़काव करने के लिए किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह तैयारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की ओर से सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश के बाद की जा रही है। सरकार का फोकस सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए पहले से जरूरी इंतजाम करने पर है।
1,400 किमी सड़क नेटवर्क पर चलेगा विशेष अभियान
PWD के एक अधिकारी के मुताबिक, विभाग दिल्ली में अपने करीब 1,400 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क पर गहरी सफाई और धूल नियंत्रण के लिए विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एंटी-स्मॉग गन से लैस ट्रकों को किराए पर लिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि इन ट्रकों में कम से कम 7,000 लीटर क्षमता वाले पानी के टैंकर होने जरूरी होंगे। साथ ही वाहनों के आगे और पीछे कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि अभियान के दौरान निगरानी रखी जा सके। उन्होंने बताया कि एंटी-स्मॉग गन में पानी को छोटी-छोटी बूंदों यानी महीन फुहारों में बदलने के लिए 24 स्टेनलेस स्टील नोजल लगाए जाना अनिवार्य होगा।
प्रति घंटे के आधार पर किराए पर लिए जाएंगे एंटी-स्मॉग गन वाले ट्रक
अधिकारी ने बताया कि एंटी-स्मॉग गन उपलब्ध कराने वाली कंपनी की ओर से प्रत्येक वाहन के साथ एक ड्राइवर, एक ऑपरेटर और एक हेल्पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। PWD इन मशीनों को प्रति घंटे के आधार पर किराए पर लेने की योजना बना रहा है। अधिकारी के मुताबिक, इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर में एंटी-स्मॉग गन की क्षमता और तकनीकी मानकों को भी स्पष्ट किया गया है। इसके अनुसार, मशीन में क्षैतिज रूप से कम से कम 50 मीटर तक पानी का छिड़काव करने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अलावा एंटी-स्मॉग गन क्षैतिज दिशा में 330 डिग्री तक घूमने और ऊर्ध्वाधर दिशा में 60 डिग्री तक झुकने में सक्षम होनी चाहिए। टेंडर की शर्तों के अनुसार, मशीन से निकलने वाली पानी की बूंदों का आकार 10 से 30 माइक्रोन के बीच होना जरूरी है।
धूल और PM2.5 को नियंत्रित करने में मदद करेगी एंटी-स्मॉग गन
दरअसल, एंटी-स्मॉग गन हवा में मौजूद धूल और दूसरे कणों को नीचे बैठाने के लिए पानी की बेहद बारीक फुहार छोड़ती है। पानी के टैंक वाले वाहन पर लगी यह गन 50 मीटर की ऊंचाई तक पानी का छिड़काव कर सकती है, जिससे धूल के कणों और PM2.5 को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अधिकारी ने बताया कि 200 एंटी-स्मॉग गन वाले ट्रकों के जरिए रोजाना कम से कम 200 मीटर सड़क की गहरी सफाई की जाएगी। इस अभियान के तहत सड़क किनारे जमा धूल हटाने के साथ-साथ कर्ब चैनल और बेल माउथ की सफाई की जाएगी। इसके अलावा सड़कों से मलबा हटाने का काम भी किया जाएगा। अधिकारी के अनुसार, अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) के साथ भी समन्वय किया जाएगा।
लक्ष्य में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
PWD की यह तैयारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की हालिया नसीहत के बाद सामने आई है। मुख्यमंत्री ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद विभाग ने धूल नियंत्रण और सड़क सफाई को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया था कि धूल नियंत्रण से जुड़े नियम और उपाय केवल सर्दियों के मौसम तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इन्हें गर्मियों के दौरान भी लागू किया जाना चाहिए, ताकि पूरे साल सड़क से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित किया जा सके।
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