कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों का दौर जारी है। इसी क्रम में बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने आनंद मोहन द्वारा नीतीश कुमार को लेकर दिए गए विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आनंद मोहन को अपने द्वारा दिए गए बयानों पर गंभीरता से आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।
नीतीश कुमार की छवि पर अडिग हैं मदन सहनी
मंत्री मदन सहनी ने कहा कि आनंद मोहन के बयान पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कई वरिष्ठ नेता पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और अपना पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता इस विषय पर क्या कह रहे हैं, इससे हमें कोई सरोकार नहीं है। हालांकि, मदन सहनी ने पूरे दावे के साथ दोहराया कि नीतीश कुमार को लेकर जो बातें कही गई हैं, वे पूरी तरह से आधारहीन और गलत हैं। उनके अनुसार, नीतीश कुमार की कार्यशैली और व्यक्तित्व पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
’सहयोग कार्यक्रम’ से बदलेगी जनता की किस्मत
राजनीतिक बयानों से इतर, मदन सहनी ने बिहार सरकार के महत्वकांक्षी ‘सहयोग कार्यक्रम’ की जमकर सराहना की। उन्होंने इसे आम जनता के लिए एक गेम-चेंजर कदम करार दिया। मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए एक बड़ा और प्रभावी माध्यम बन गया है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि जिलों में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम के दौरान जनता की शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट (तत्काल) निपटारा किया जा रहा है, जो कि अत्यंत सराहनीय है। इस नई व्यवस्था से प्रशासनिक तंत्र में भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अधिकारी अब पहले से कहीं अधिक सचेत और सक्रिय होकर लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
मदन सहनी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नीतीश कुमार खुद इस पूरे कार्यक्रम और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी के कारण प्रशासनिक अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ी है। मंत्री का मानना है कि यदि इसी प्रकार पूरी गंभीरता से शिकायतों का समाधान होता रहा, तो बिहार की जनता को अपनी समस्याओं के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

