मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी। आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग लड़कियों का कथित तौर पर शोषण किया जा रहा था। पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन और एनजीओ की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
9 नाबालिगों का रेस्क्यू
लौकहा थाना क्षेत्र सहित जिले के कई अन्य इलाकों में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान कुल 9 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन बच्चियों को कठिन और संदिग्ध परिस्थितियों में रखा गया था। रेस्क्यू की गई लड़कियों में एक लड़की पश्चिम बंगाल की भी है, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट वहां पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी। फिलहाल, महिला थाना पुलिस सभी लड़कियों से सुरक्षित माहौल में पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य राज खोले जा सकें।
तीन गिरफ्तार, ह्यूमन ट्रैफिकिंग का एंगल
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आर्केस्ट्रा संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मधुबनी के एसएसपी योगेंद्र कुमार ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह गंभीर रूप से ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) का मामला प्रतीत होता है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस नेटवर्क की जड़ें कहां-कहां फैली हुई हैं और इसके पीछे कौन-से बड़े चेहरे सक्रिय हैं।
एसआईटी का गठन और आगे की जांच
फरार चल रहे अन्य आर्केस्ट्रा संचालकों और इस काले कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन्हें किन परिस्थितियों में यहां लाया गया था और इस शोषण चक्र के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है।
इस घटना ने एक बार फिर से सांस्कृतिक और मनोरंजन के नाम पर चल रहे अवैध आर्केस्ट्रा संचालन और बाल अधिकारों के हनन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासनिक टीमें इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

