एस आर रघुवंशी, गुना। Guna Lokayukta Raid: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद भी भ्रष्टचार पर लगाम नहीं लग रही है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरी में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। जहां लोकायुक्त ने स्कूल के प्राचार्य उमाशंकर जोशी और उच्च माध्यमिक शिक्षक उमेश बैरागी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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दरअसल, बाल दिवस पर स्कूल में खेलों का आयोजन होना था। ग्राउंड की साफ-सफाई, चूना डलवाने और प्रमाण पत्र बनवाने की जिम्मेदारी स्पोर्ट्स टीचर नवल किशोर कुशवाहा की थी। इन कामों में उन्होंने 5 हजार रुपए खर्च किए थे। जिसका बिल पास करने की एवज में प्राचार्य उमाशंकर जोशी ने आधे पैसे यानी 2500 रुपए की मांग की थी।
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नवल किशोर कुशवाहा ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से कर दी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने योजना बनाकर यह कार्रवाई की। प्रिंसिपल ने पैसे शिक्षक उमेश बैरागी को देने के लिए कहा था। नवल किशोर ने 2 हजार रुपए टीचर को दे दिए। जैसे ही उमेश ने घूस की रकम प्राचार्य को दी, टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त निरीक्षक कवींद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

