रणधीर परमार, छतरपुर। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सागर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने छतरपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने हाउसिंग बोर्ड विभाग में पदस्थ संभागीय लेखापाल (Divisional Accountant) बी.पी. विश्वकर्मा को 4 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद से विभाग में हड़कंप मच गया है। समाचार के लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी।

मकान रजिस्ट्री के नाम पर मांगी थी घूस
जानकारी के अनुसार, पूरा मामला हाउसिंग बोर्ड के मकान की रजिस्ट्री से जुड़ा हुआ है। आवेदक राम नारायण शुक्ला को विभाग की ओर से एक ईडब्ल्यूएस (EWS) मकान नंबर 399 अलॉट हुआ था। इस मकान की रजिस्ट्री की कागजी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की एवज में आरोपी लेखापाल बी.पी. विश्वकर्मा लगातार चक्कर कटवा रहा था और उसने 6,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी।

पहली किस्त लेते ही दबोचा
फरियादी राम नारायण शुक्ला रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत सागर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज करा दी। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत जैसे ही आवेदक ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 4,000 रुपए आरोपी लेखापाल बी.पी. विश्वकर्मा को सौंपे, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। रासायनिक घोल से हाथ धुलवाते ही आरोपी के हाथ गुलाबी हो गए। लोकायुक्त पुलिस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्जकर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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