चंडीगढ़। हरियाणा में सामने आए धान घोटाले के बाद सरकार ने राइस मिलों की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रदेश की 1,401 राइस मिलों के सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए करनाल, हिसार और यमुनानगर जिलों की राइस मिलों में कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की विशेष जांच के लिए मुख्यालय से अलग टीमें भेजने के निर्देश दिए हैं।

चंडीगढ़ में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों को राइस मिलों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की निगरानी को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद, भंडारण और वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

524 राइस मिलों का सत्यापन पूरा, बाकी 30 जून तक होगा जांच कार्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की कुल 1,401 राइस मिलों में से अब तक 524 मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष मिलों की जांच 30 जून तक पूरी कर ली जाएगी।मंत्री राजेश नागर ने सरकारी खरीद के बाद भंडारण की समस्या पर भी चिंता जताई और अधिकारियों को एफसीआई की तर्ज पर केंद्रीय गारंटी आधारित वेयरहाउसिंग नीति तैयार करने का सुझाव दिया।

खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू, जूट बैगों का ऑर्डर जारी

खरीफ विपणन सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर भी बैठक में समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश को करीब 54 हजार जूट गांठों की आवश्यकता है, जिसके लिए जूट आयुक्त, कोलकाता को पहले ही ऑर्डर भेजा जा चुका है।

राशन व्यवस्था पर भी सरकार की सख्त नजर

मंत्री नागर ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेष निगरानी टीम गठित करने के निर्देश दिए। यह टीम प्रदेशभर के राशन डिपो के स्टॉक की निगरानी करेगी और हर महीने चार से पांच बार औचक निरीक्षण करेगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राशन डिपो संचालकों की मार्जिन मनी हर माह की 10 तारीख तक उनके बैंक खातों में पहुंचनी चाहिए। साथ ही प्रदेश में 4,000 नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए गए।

मार्जिन मनी भुगतान के लिए बनेगा नया पोर्टल

विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. जे. गणेशन ने बताया कि डिपो संचालकों की मार्जिन मनी के भुगतान को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित हो जाएगी और राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचेगी।उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 के लिए 42.90 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।

सरकार का संदेश साफ

धान घोटाले के बाद हरियाणा सरकार अब खाद्यान्न खरीद, भंडारण और वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त रुख अपनाए हुए है। राइस मिलों की जांच, विशेष निगरानी टीमों की तैनाती और राशन व्यवस्था की मॉनिटरिंग से सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है।