रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच के दौरान CID ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का भी खुलासा किया है। जांच में परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी की भूमिका सामने आई है।

CID की जांच के अनुसार, अभय तिवारी ने कथित तौर पर अपनी पहुंच और सेटिंग का फायदा उठाकर दर्जनभर से अधिक परीक्षाओं में बेहतर रैंक हासिल की। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि उसने अपने रिश्तेदारों के अलावा कई बाहरी अभ्यर्थियों को कथित तौर पर पैसे लेकर परीक्षा पास कराने में मदद की।

अभय तिवारी के भाई और पत्नी गिरफ्तार

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर CID ने मंगलवार को अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुष्मिता तिवारी को गिरफ्तार किया है।अक्षय तिवारी ने JSSC-CGL परीक्षा पास की थी और वर्तमान में झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद सरकारी नियुक्ति और पूरी चयन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल और गंभीर हो गए हैं।

दर्जनों परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप

CID की जांच में TDPL से जुड़े परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों के चयन को लेकर कई गंभीर तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर पर अपने पद और प्रभाव का कथित दुरुपयोग कर परीक्षा परिणामों को प्रभावित करने और अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं।

मामले में CID अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के आधार पर अन्य अभ्यर्थियों और परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।