सुरेश पांडेय, सिंगरौली। जिले में आम नागरिकों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर गौरव बैनल ने ‘मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 राजस्व अधिकारियों (तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों) पर 500-500 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया है। कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई से राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है।
समीक्षा बैठक में खुली लापरवाही की पोल
कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा की गई एक समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि जिले की विभिन्न तहसीलों में जमीन सीमांकन से जुड़े कई आवेदन लंबे समय से लंबित हैं। इन आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण नहीं किया गया था। नागरिकों के जरूरी कार्यों में अनावश्यक देरी और अधिकारियों की इस घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तुरंत जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्रवाई की जद में आए ये 8 अधिकारी
ज्ञानेंद्र साकेत (कोरावल)
धर्म प्रकाश मिश्रा (सरई)
राजेंद्र बंसल (सासन)
ऋषि नारायण सिंह (देवसर)
अमित मिश्रा (निवास)
जाह्नवी शुक्ला (माड़ा)
नागेश्वर पनिका (चितरंगी)
प्रतीक्षा सिंह (मकरोहर, माड़ा)
जुर्माना राशि शासन मद में होगी जमा
कलेक्टर गौरव बैनल ने सभी दोषी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अर्थदंड की यह राशि तत्काल शासन के खाते (मद) में जमा कराएं। इसके साथ ही उन्होंने कड़े लहजे में हिदायत दी है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले हर आवेदन का निराकरण तय समय के भीतर ही होना चाहिए।

