राकेश कथूरिया, कैथल। अपनी मांगों को लेकर रिटायर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रिटायर्ड कर्मचारी संघ ने ऐलान किया है कि 29 और 30 सितंबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर पेंशनर 24 घंटे का पड़ाव डालेंगे। कैथल में रमेश हरित की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। वरिष्ठ उपप्रधान जसबीर सिंह ने बताया कि सरकार की नीतियों से पेंशनरों में भारी नाराजगी है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
संघ के नेताओं ने स्पष्ट किया कि पेंशन कर्मचारियों का कानूनी हक है, न कि कोई खैरात। वे सुप्रीम कोर्ट के 1983 के एक ऐतिहासिक फैसले का हवाला दे रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि केंद्र सरकार मार्च 2025 में पारित किए गए वित्त विधेयक को तुरंत वापस ले। साथ ही, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को पेंशनरों पर भी उसी तरह लागू किया जाए, जैसे कार्यरत कर्मचारियों पर की जाती है। पेंशनरों का कहना है कि वेतन आयोग के सभी लाभ उन्हें बराबर मिलने चाहिए।
दिल्ली में होगी विशाल रैली
पेंशनरों का यह आंदोलन केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। अगर सरकार ने उनकी इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 12 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में एक महा-रैली का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश भर के लाखों कर्मचारी और पेंशनर शामिल होंगे। संघ के वरिष्ठ नेताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि हरियाणा सरकार के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया जाएगा। अक्टूबर और नवंबर के महीने में कुरुक्षेत्र से एक लंबे और बड़े आंदोलन का आगाज किया जाएगा। रिटायर कर्मचारी संघ ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे संघर्ष जारी रखेंगे।

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