रांची। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया है। एसोसिएशन अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने प्रेस वार्ता में सरकार और विभागीय अधिकारियों पर मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से कई बार पत्राचार कर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

विधायक मामले में गिरफ्तारी की मांग

एसोसिएशन ने एक विधायक पर कथित आपराधिक कृत्य के मामले में कानून के तहत जल्द कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। राहुल मुर्मू ने कहा कि दोषी कौन है, इसका फैसला अदालत करेगी, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायालय तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने मामले में अब तक हुई कार्रवाई, नोटिस तामील और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया की जानकारी मांगी थी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

पुलिसकर्मी दोषी मिले तो कार्रवाई का समर्थन

राहुल मुर्मू ने स्पष्ट किया कि यदि कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एसोसिएशन किसी भी दोषी पुलिसकर्मी का बचाव नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विभाग में निलंबन, बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई के प्रावधान मौजूद हैं।

जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर कानून की मांग

पुलिस एसोसिएशन ने पुलिस के काम में जनप्रतिनिधियों के कथित अनावश्यक हस्तक्षेप का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने मांग की कि पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार या कानून-व्यवस्था से जुड़े काम में अनुचित दबाव बनाने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी स्पष्ट कानूनी प्रावधान होना चाहिए।राहुल मुर्मू ने कहा, “नो वन इज अबव द लॉ।” यानी कानून से ऊपर कोई नहीं है।

भत्ते बढ़ाने समेत कई मांगें

एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते और राशन भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की है। इसके अलावा गृह भत्ता, परिवार भत्ता, धुलाई भत्ता, विशेष कर्तव्य भत्ता, आर्मरर भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता और मेडल भत्ता समेत विभिन्न सुविधाओं की समीक्षा की मांग रखी गई है।केंद्रीय पुलिस बलों की तर्ज पर पुलिसकर्मियों के दो बच्चों की शिक्षा के लिए शिक्षण भत्ता देने की मांग भी की गई है।

10 साल से एक ही जगह तैनाती पर तबादले की मांग

एसोसिएशन ने लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के तबादले की मांग की है। संगठन के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा, लातेहार, गढ़वा और पलामू समेत कई क्षेत्रों में कुछ पुलिसकर्मी लंबे समय से तैनात हैं।10 साल से अधिक समय से एक ही जिले में पदस्थ कर्मियों के स्थानांतरण के साथ समय पर पदोन्नति देने की मांग भी की गई है।

8 सितंबर से आंदोलन, 5 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश

पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन का पूरा कार्यक्रम भी जारी कर दिया है।

8 से 11 सितंबर: पुलिसकर्मी वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करेंगे।
19 सितंबर: एक दिवसीय सामूहिक उपवास।
24 सितंबर: पुलिस मुख्यालय, डीजीपी कार्यालय और संबंधित कार्यालयों के समक्ष धरना।
5 से 10 अक्टूबर: छह दिनों तक सामूहिक अवकाश।


मुख्यमंत्री से समाधान की अपील

एसोसिएशन ने अपनी मांगों की जानकारी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, मुख्य सचिव, गृह विभाग, डीजीपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को देने की बात कही है।

राहुल मुर्मू ने सरकार से पुलिसकर्मियों की लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही अपनी लड़ाई जारी रखेगा।