चंडीगढ़। 657 करोड़ रुपये के चर्चित बैंक घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को बड़ा एक्शन लेते हुए हरियाणा कैडर के दो आईएएस अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई की एक टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-16 और दूसरी टीम पंचकूला के एमडीसी स्थित आवास पर पहुंची, जहां कई घंटों तक दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई।
देर रात एक IAS को लिया हिरासत में
सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान देर रात एक आईएएस अधिकारी को हिरासत में लिया गया। हालांकि, सीबीआई ने अभी तक आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसी पूरे मामले में सबूत जुटाने और वित्तीय लेनदेन की कड़ियां खंगालने में जुटी है।
169 करोड़ के फर्जीवाड़े से जुड़ा है मामला
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े 169 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) में सरकारी धन के गबन की जांच के सिलसिले में की गई है। इससे पहले सीबीआई इसी मामले में दो आईएएस अधिकारियों पंकज अग्रवाल और आर.के. सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
657 करोड़ की हेराफेरी का आरोप
सीबीआई के अनुसार, IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों और आईएएस अफसरों के साथ कथित मिलीभगत कर आठ सरकारी विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के खातों से करीब 657 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।
डेटा एंट्री ऑपरेटर भी गिरफ्तार
जांच एजेंसी ने इस मामले में एक दिन पहले, 23 जून को डेटा एंट्री ऑपरेटर सौरभ शर्मा को भी गिरफ्तार किया था। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क और इस कथित वित्तीय घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

