सोनीपत। नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 2 के बूथ नंबर 21 पर मतदान की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। जब मसद मोहल्ला निवासी केशव वोट डालने मतदान केंद्र पहुंचे, तो केंद्र पर मौजूद चुनाव अधिकारियों ने बताया कि, उनके नाम पर वोट डल चुका है। यह सुनवकर केशव दंग रह गया।
केशव के अनुसार, वो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे। इस उत्साह से वो मतदान केंद्र पहुंचे थे। इस बीच, उन्होंने स्पष्ट किया कि, उनकी उंगली पर स्याही काकोई निशान नहीं था, जिससे पता चलता है कि, उनके नाम पर पहले ही मतदान किया जा चुका है। इसके बावजूद, चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उन्हें मतदान करने से रोक दिया। रिकॉर्ड में उनके नाम के आगे वोट डलने की एंट्री पहले से ही दर्ज थी।
पीड़ित मतदाता ने मामले में तुरंत आपत्ति जताते हुए तैनात पीठासीन अधिकारी व अन्य उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की। केशव का कहना है कि, एक सजग नागरिक होने के नाते वह अपना वोट डालना चाहते थे, लेकिन प्रशासनिक गलती या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए गए फर्जी मतदान के कारण उन्हें इस अधिकार से वंचित कर दिया गया।
यह मामला सामने आने के बाद बूथ नंबर 21 पर कुछ देर के लिए गहमागहमी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों ने भी मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल, चुनाव अधिकारियों ने इस मामले में जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन केशव को बिना वोट डाले ही वापस लौटना पड़ा। यह घटना चुनाव आयोग के दावों और मतदान केंद्रों पर पहचान पत्र की जांच प्रक्रिया की गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह लगाती है।

