राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही की जाएगी। इसी कड़ी में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ करें।
रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए
कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए कॉउंसलिंग की भी व्यवस्था की जाए। पार्ट टाइम महाविद्यालय सुबह और शाम की शिफ्ट में चलाए जा सकते हैं। खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान सहित अन्य वोकेशनल विषयों के अध्ययन के लिए महाविद्यालयों में आवश्यक व्यवस्था की जाएं। कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में 3 वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है।
आने वाले समय में 100 शोध केंद्र स्थापित होंगे
प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं। गत वर्ष 83 नए शोध केंद्र प्रारंभ किए गए। आने वाले समय में 100 शोध केंद्र स्थापित होंगे। सकल नामंकन अनुपात (जीईआर) में प्रदेश ने भारत के 1.1 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले 1.8 की वृद्धि करने में सफलता प्राप्त की है। गत ढाई वर्ष में नेशनल लॉ इन्स्टिट्यूट यूनिवर्सिटी में 27वीं और डीएवीवी इंदौर ने 49वीं रैंक प्राप्त की है। उच्च शिक्षा विभाग सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग कर रहा है। स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में पंजीयन के कार्य में मध्यप्रदेश ने जुलाई 2025 में 3 लाख 52 हजार 931 पंजीयन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
10 संभागीय मुख्यालयों पर डिजिटल स्टूडियो शुरू
जुलाई 2026 के सेमेस्टर में यह संख्या 2 लाख 73 हजार 266 हो गई है। प्रदेश में गुना, खरगौन और सागर में नए विश्वविद्यालय और आगर मालवा में लॉ कॉलेज प्रारंभ किया गया। प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में 28 विषयों में पीजी कक्षाएं प्रारंभ की गईं। प्रदेश के 618 उच्च शिक्षण संस्थान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के “वन नेशन-वन सबक्रिप्शन” पोर्टल पर पंजीयन करवा चुके हैं। प्रदेश में 55 शासकीय महाविद्यालयों का प्रधानमंत्री कॉलेज और एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन कर विभिन्न सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। 10 संभागीय मुख्यालयों पर डिजिटल स्टूडियो शुरू हुए हैं।

