० AK-47 सहित 12 से ज्यादा हथियार किए जमा, पुलिस मुख्यालय में अगले 48 घंटे में हो सकता है आधिकारिक खुलासा

रांची। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। लगातार बढ़ते दबाव के चलते 18 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा का करीबी बॉडीगार्ड सनिचरवा भी शामिल है। नक्सलियों ने AK-47 समेत 12 से अधिक अत्याधुनिक हथियार सुरक्षा बलों के हवाले किए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इस सरेंडर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सूत्रों के मुताबिक, सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को जल्द ही रांची स्थित पुलिस मुख्यालय लाया जाएगा, जहां औपचारिक रूप से सरेंडर कराया जाएगा। अगले 48 घंटे के भीतर पुलिस पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। बताया जा रहा है कि इनमें अधिकांश नक्सली कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय थे और मिसिर बेसरा के दस्ते से जुड़े हुए थे, जबकि कुछ उग्रवादी पलामू और लातेहार इलाके के हैं।

लगातार हो रहे सरेंडर से मिसिर बेसरा के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसके दस्ते के कई सक्रिय सदस्यों के अलग होने से उसकी संगठनात्मक ताकत काफी कमजोर हो गई है।

आत्मसमर्पण से नेटवर्क तेजी से सिमट रहा है
सूत्रों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले मिसिर बेसरा की लोकेशन पश्चिम सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र स्थित मुरूम्बुरा गांव की पहाड़ियों के पास मिली थी। उस समय उसके साथ 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली वीरेंद्र हांसदा और मेहनत उर्फ मोछू भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि वह अब भी पश्चिम सिंहभूम के जंगलों में छिपा हुआ है, लेकिन लगातार हो रहे आत्मसमर्पण से उसका नेटवर्क तेजी से सिमट रहा है।

मई में 27 उग्रवादियों ने किया था आत्मसमर्पण
इससे पहले मई में भी मिसिर बेसरा के दस्ते के 25 नक्सलियों समेत कुल 27 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें 25 लाख रुपये के इनामी सागेन अंगरिया, गांदी मुंडा, नागेंद्र मुंडा, रेखा मुंडा और सुलेमान हांसदा जैसे हार्डकोर नक्सली शामिल थे। उस दौरान नक्सलियों ने 16 हथियार और 2,857 गोलियां पुलिस को सौंपी थीं।

करोड़ रुपये का इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश नई चुनौती
वहीं, सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश नई चुनौती बनकर उभरा है। सूत्रों के मुताबिक, वह अपने कुछ साथियों के साथ पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है और उसकी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।