० PMLA कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई तेज, पूर्व सीएम समेत तीन आरोपियों पर आरोप गठन फिलहाल टला

रांची। झारखंड के चर्चित बड़गाईं जमीन घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने गुरुवार को मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राजकुमार पाहन के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। अदालत ने उनके मामले की सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख तय की है।

विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के आधार पर चल रहा है। ईडी ने वर्ष 2023 में दर्ज ईसीआईआर के तहत जांच शुरू की थी। एजेंसी का दावा है कि जांच में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध जमीन कारोबार से जुड़े कई अहम दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं।

गैर-हस्तांतरणीय जमीन के अवैध सौदे का आरोप

ईडी के अनुसार आरोपी एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे और बरियातू-बड़गाईं क्षेत्र की गैर-हस्तांतरणीय भुईंहरी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन को अंजाम दिया गया। जांच में जमीन खरीद-बिक्री के जरिए आर्थिक लाभ पहुंचाने की सुनियोजित साजिश का भी दावा किया गया है।

डायरी, बैंक रिकॉर्ड और CDR बने अहम सबूत

जांच एजेंसी के मुताबिक छापेमारी के दौरान बरामद डायरियों में करोड़ों रुपये के नकद लेन-देन का उल्लेख मिला। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक खातों के लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों से आरोपियों के बीच आर्थिक संबंध और कथित साठगांठ के संकेत मिले। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए।

इन आरोपियों पर तय हुए आरोप

अदालत ने भानु प्रताप प्रसाद, तपस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, आनंद तिर्की उर्फ अंतु तिर्की, अफसर अली, मोहम्मद इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रिया रंजन सहाय, बिपिन सिंह, बिजेंद्र सिंह, संजीत कुमार और मोहम्मद इरशाद के खिलाफ आरोप तय किए हैं।

अब मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित तीन अन्य आरोपियों पर आरोप गठन को लेकर 11 अगस्त की सुनवाई अहम मानी जा रही है।