दिल्ली सरकार की प्रस्तावित ₹2,500 मासिक सहायता योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। योजना के तहत उन महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा जिनके 3 से अधिक जीवित बच्चे हैं। इस पात्रता शर्त के कारण राजधानी के सबसे कम आय वाले परिवारों की बड़ी संख्या में महिलाएं योजना के दायरे से बाहर रह सकती हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, तीन से अधिक जीवित बच्चों की शर्त की वजह से दिल्ली के सबसे कम आय वर्ग के परिवारों की करीब 15 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ पाने से वंचित हो सकती हैं। सामाजिक और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह वर्ग आर्थिक सहायता की सबसे अधिक जरूरत रखने वालों में शामिल है।

दिल्ली सरकार इस योजना के लिए 1 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके लिए एक विशेष पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जहां पात्र महिलाएं अपना आवेदन जमा कर सकेंगी। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग उनकी पात्रता और दस्तावेजों की जांच करेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की गाइडलाइंस को मंजूरी दे दी गई। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

दिल्ली सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की वे महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी, जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं है। इसके अलावा योजना में कुछ अन्य पात्रता शर्तें भी तय की गई हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक, जिन परिवारों की वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, उनकी महिलाओं को इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही, तीन से अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

इन महिलाओं को नहीं मिलेगा ₹2,500 मासिक सहायता का लाभ

मंगलवार को मंजूर किए गए कैबिनेट नोट के अनुसार, ऐसे परिवारों की महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा जिनमें कोई पुरुष सदस्य पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत आर्थिक सहायता या पेंशन प्राप्त कर रहा हो। इसी तरह आयकर (इनकम टैक्स) देने वाले, जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाले या सरकारी कर्मचारी परिवारों की महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों का कोई सदस्य केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या किसी अन्य सरकारी संगठन में कार्यरत है, उन परिवारों की महिलाओं को भी योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा, चार-पहिया वाहन रखने वाले परिवारों की महिलाएं भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। पात्रता के लिए बिजली खपत की सीमा भी तय की गई है। जिन परिवारों की वार्षिक घरेलू बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, वे योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। गाइडलाइंस में यह भी प्रावधान किया गया है कि आपराधिक रिकॉर्ड वाली महिलाओं को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। वहीं, पहले से घोषित शर्तों के अनुसार तीन से अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं को भी इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

‘अहम वादा पूरा किया’, दिल्ली लक्ष्मी योजना पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया एक अहम वादा पूरा कर दिया है। कैबिनेट बैठक के बाद योजना की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को वित्तीय मजबूती देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं से किया गया एक अहम वादा पूरा किया है। दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत हर पात्र महिला को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक मदद मिलेगी।” उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने का भी माध्यम बनेगी। उनके अनुसार, इससे लाखों महिलाओं को नियमित वित्तीय सहयोग मिलेगा, जिससे वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगी।

लाभार्थियों को मिलेंगे दो विकल्प, नकद निकासी की सुविधा नहीं

दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत ₹2,500 मासिक सहायता राशि के वितरण का तरीका भी तय कर दिया है। योजना के लाभार्थियों को सहायता प्राप्त करने के लिए दो विकल्प दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देना और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है।पहले विकल्प के तहत हर महीने मिलने वाली ₹2,500 की सहायता राशि में से ₹1,500 लाभार्थी के रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खाते में जमा किए जाएंगे। वहीं शेष ₹1,000 सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में ट्रांसफर किए जाएंगे।

सरकार के अनुसार, CBDC वॉलेट में जमा राशि का उपयोग केवल सरकार द्वारा अनुमोदित वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा। इसके लिए एक निर्धारित “नेगेटिव लिस्ट” बनाई जाएगी, जिसके अंतर्गत आने वाले लेनदेन या श्रेणियों पर खर्च की अनुमति नहीं होगी। दूसरे विकल्प के तहत लाभार्थी पूरी ₹2,500 की राशि RD या FD खाते में जमा कराने का विकल्प चुन सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं के बीच दीर्घकालिक बचत को प्रोत्साहन मिलेगा और भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा मजबूत होगी। गाइडलाइंस के अनुसार, दोनों ही विकल्पों में लाभार्थियों को सीधे नकद राशि निकालने की अनुमति नहीं होगी। सहायता राशि केवल निर्धारित बचत साधनों या डिजिटल माध्यमों के जरिए ही उपलब्ध कराई जाएगी।

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