गयाजी। बोकारो से पटना लौट रहे एक यात्री की चलती जनशताब्दी एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश के दौरान प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच फंसने से मौत हो गई। यह पूरा हादसा मृतक की पत्नी की आंखों के सामने हुआ, जिससे स्टेशन परिसर में अफरातफरी और सनसनी फैल गई।

​अचानक हुआ हादसा

​मृतक की पहचान नालंदा जिले के आस्थावां थाना क्षेत्र के गोटिया गांव निवासी सुरेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है। सुरेंद्र प्रसाद अपनी पत्नी सुनीता देवी के साथ रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से बोकारो से पटना लौट रहे थे। रविवार की देर शाम करीब 9 बजे ट्रेन गया जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर रुकी थी। इसी दौरान सुरेंद्र प्रसाद किसी काम से नीचे उतरे।
​तभी अचानक ट्रेन चलने लगी। चलती हुई ट्रेन को देखकर सुरेंद्र प्रसाद ने उसमें दोबारा सवार होने की हड़बड़ी में कोशिश की, लेकिन उनका पैर अचानक फिसल गया। पैर फिसलने से वह सीधे ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच जा गिरे और बुरी तरह फंस गए। पत्नी सुनीता देवी अपनी आंखों के सामने पति को इस हालत में देखकर चीख पड़ीं और उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी सहम गए।

तोड़ना पड़ा प्लेटफार्म

​घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। यात्री को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत ट्रेन को रुकवाया गया, लेकिन सुरेंद्र प्रसाद इस तरह फंसे थे कि सामान्य तरीके से उन्हें निकालना असंभव हो गया।
​यात्री को बाहर निकालने के लिए अधिकारियों और जवानों को प्लेटफार्म के कुछ हिस्से को तोड़ना पड़ा। रेल थाना प्रभारी निशा कुमारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्लेटफार्म को आंशिक रूप से काटकर डेड बॉडी को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अत्यधिक चोट लगने के कारण यात्री की मौत हो चुकी थी। जीआरपी ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

​ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ा असर

​इस भयानक हादसे और राहत-बचाव कार्य के कारण गया जंक्शन पर ट्रेनों का परिचालन कुछ समय के लिए बाधित हुआ। प्लेटफार्म नंबर 6 पर जनशताब्दी एक्सप्रेस के खड़े रहने के कारण पटना-सिंगरौली एक्सप्रेस (13350) को इसके तय प्लेटफार्म के बजाय प्लेटफार्म नंबर चार पर लाना पड़ा।
​यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूछताछ काउंटर से लगातार प्लेटफार्म परिवर्तन की सूचना प्रसारित की जाती रही। इसके अलावा, गया से पटना जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से 38 मिनट की देरी से रवाना हुई। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस रात 10 बजे के बाद पटना के लिए रवाना की जा सकी।