पंचकूला/भिवानी। हरियाणा के भिवानी की 19 वर्षीय प्ले-स्कूल टीचर मनीषा की मौत के मामले में पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने शनिवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मनीषा की मौत को आत्महत्या बताने वाली सीबीआई की अंतिम (क्लोजर) रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। मृतका के परिवार द्वारा इस रिपोर्ट का कड़ा विरोध करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मामले की नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। अब इस मामले की जांच सीबीआई के एक सीनियर आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में दोबारा की जाएगी।

डेढ़ साल की जांच के बाद दाखिल हुई थी क्लोजर रिपोर्ट

गौरतलब है कि 13 अगस्त 2025 को मनीषा का शव भिवानी के सिंघानी गांव के खेतों में मिला था। शुरुआती पुलिस जांच में 18 अगस्त 2025 को इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था, जिसके बाद प्रदेशभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुए थे। जनभावनाओं को देखते हुए 26 अगस्त 2025 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। करीब एक साल और डेढ़ महीने की जांच के बाद सीबीआई ने 12 अगस्त 2026 को पंचकूला की विशेष अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें मौत की वजह खुदकुशी बताई गई थी।

परिवार ने FSL रिपोर्ट और सुसाइड नोट पर उठाए थे सवाल

सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद मृतका के पिता संजय कुमार और उनके वकीलों ने इसे अदालत में चुनौती दी थी। याचिका में सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, एफएसएल (FSL) रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। परिजनों का तर्क था कि मौके के तमाम तथ्य आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करते। मृतका के पिता ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे बेटी की मौत को सुसाइड मान ही नहीं सकते।

अब सीनियर IPS की देखरेख में होगी जांच

कोर्ट के इस अहम फैसले के बाद क्लोजर रिपोर्ट को सीबीआई के पास वापस भेजा जाएगा। अब एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की देखरेख में सीबीआई की टीम नए सिरे से तमाम सबूतों, एफएसएल रिपोर्ट और परिस्थितियों की गहन पड़ताल शुरू करेगी। अदालत के इस निर्णय के बाद मृतका के परिवार ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m