अभिषेक सेमर, तखतपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक में शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकानों के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार ब्लॉक में दो दर्जन से अधिक राशन दुकानें अटैचमेंट व्यवस्था के तहत संचालित हो रही हैं। कई दुकानों की जिम्मेदारी ऐसे विक्रेताओं को दी गई है, जो संबंधित पंचायत से करीब 15 से 20 किलोमीटर दूर से पहुंचकर राशन वितरण कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि पूर्व खाद्य निरीक्षक के कार्यकाल में करीब 42 शासकीय उचित मूल्य दुकानों को अन्य ग्राम पंचायतों के विक्रेताओं से संलग्न किया गया था। इसके बाद भी कई दुकानें अब तक अटैचमेंट व्यवस्था से बाहर नहीं आ सकी हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लंबे समय से चल रही इस व्यवस्था का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया।

15 से 20 किलोमीटर दूर से पहुंच रहे विक्रेता

अटैचमेंट व्यवस्था का असर सीधे राशन हितग्राहियों पर पड़ने की बात सामने आ रही है। कई मामलों में जिस पंचायत में राशन दुकान संचालित होनी है, वहां के बजाय दूसरे क्षेत्र के विक्रेताओं को दुकान संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। दूर से आने वाले विक्रेताओं के कारण दुकान खुलने और राशन वितरण की नियमितता को लेकर भी शिकायतें सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उन्हें राशन लेने के लिए दुकान खुलने और विक्रेता के पहुंचने का इंतजार करना पड़ता है। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के हितग्राहियों को परेशानी होती है।

एक ही विक्रेता के पास कई दुकानों की जिम्मेदारी

राशन दुकानों के संचालन को लेकर एक और सवाल यह है कि कुछ मामलों में एक ही समूह या विक्रेता के पास कई दुकानों की जिम्मेदारी होने की बात सामने आई है। अलग-अलग पंचायतों में दुकानों का संचालन करने के कारण समय पर राशन वितरण सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर राशन दुकान संचालित होने से हितग्राहियों को सुविधा मिल सकती है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उन्हें कई बार दुकान खुलने का इंतजार करना पड़ता है।

जनपद सदस्य ने उठाए सवाल

तखतपुर क्षेत्र क्रमांक-10 के जनपद सदस्य मनहरण लाल कौशिक ने राशन दुकानों के अटैचमेंट को लेकर खाद्य विभाग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में राशन दुकानों के अटैचमेंट का खेल चल रहा है। जनपद सदस्य का कहना है कि दूसरे क्षेत्रों के विक्रेताओं द्वारा दुकानें संचालित किए जाने से संबंधित गांवों के लोगों को समय पर राशन मिलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि अटैचमेंट के माध्यम से संचालित दुकानों की व्यवस्था समाप्त कर स्थानीय पात्र समूहों को राशन दुकानों की जिम्मेदारी दी जाए, ताकि राशन वितरण नियमित और सुचारू हो सके।

जल्द शुरू होगी नई आवंटन प्रक्रिया : खाद्य निरीक्षक

इस मामले में खाद्य निरीक्षक आशीष दीवान ने बताया कि अटैचमेंट में संचालित हो रही शासकीय उचित मूल्य दुकानों को अन्य पात्र समूहों को आवंटित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। विज्ञापन के बाद नियमानुसार पात्र समूहों को राशन दुकानें आवंटित की जाएंगी। अब निगाह विभाग की ओर से जारी होने वाले विज्ञापन और उसके बाद होने वाली आवंटन प्रक्रिया पर है।

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