पानीपत। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के देहरादून स्थित रायपुर राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) के फाइनल शो के दौरान जमकर हंगामा हुआ। UPL के तीसरे सीजन के फाइनल मैच से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम का उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने स्टेडियम के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मासूम शर्मा और राज्य की धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

भारी विरोध और तनावपूर्ण माहौल के बीच मासूम शर्मा ने अपना परफॉर्मेंस शुरू करने से पहले मंच संभाला और उत्तराखंड की जनता व प्रशंसकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने सबसे पहले देवभूमि को प्रणाम किया और कहा कि अगर उनके किसी प्रशंसक या विरोधी को उनसे किसी बात को लेकर नाराजगी हुई है, तो वह उसके लिए दिल से माफी मांगते हैं।

‘किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना मकसद नहीं’

मासूम शर्मा ने भरे मंच से कहा कि वह देहरादून आकर उत्तराखंड के साथ अपने पुराने जुड़ाव को फिर से महसूस करना चाहते थे। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का आभार जताते हुए स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी भी व्यक्ति या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने उत्तराखंड प्रीमियर लीग के तीसरे सीजन के फाइनल मुकाबले के लिए खिलाड़ियों और दर्शकों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उन्होंने यूपीएल के सफल आयोजन के लिए महिम वर्मा का विशेष धन्यवाद किया और उन्हें मंच पर आमंत्रित किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री संजीव बालियान और उमेश शर्मा सहित अन्य उपस्थित नेताओं का भी आभार व्यक्त किया।

माफी के बाद गाया अपना चर्चित गाना

मंच से अपना भाषण पूरा करने और माफी मांगने के तुरंत बाद माहौल को संभालते हुए मासूम शर्मा ने अपना बेहद लोकप्रिय हरियाणवी गाना ‘बोल तेरे मीठे-मीठे, बात तेरी साच्ची लागे…’ गाना शुरू किया। गाना शुरू होते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने उनकी परफॉर्मेंस का आनंद लिया।

यूकेडी नेता ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के नेता लुशुन टडोरिया ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां दोहरी हैं, जहां स्थानीय ‘पांडवाज ग्रुप’ जैसे कलाकारों को ‘भू-बुग्याल’ जैसे सांस्कृतिक गानों के लिए नेशनल गेम्स में मानदेय नहीं दिया जाता, वहीं दूसरी तरफ विवादित बयान और भाषा का इस्तेमाल करने वाले बाहरी कलाकारों को मोटी रकम देकर बुलाया जा रहा है। उन्होंने इसे राज्य की स्थानीय संस्कृति और कलाकारों की उपेक्षा करार दिया।

11 अप्रैल से जुड़ा है इस पूरे विवाद का कनेक्शन

मासूम शर्मा के शो को लेकर चल रहा यह विवाद नया नहीं है। दरअसल, इसी साल 11 अप्रैल को देहरादून के डीएवी (DAV) पीजी कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा पर मंच से कथित आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। उस समय इस घटना को लेकर मासूम शर्मा के खिलाफ देहरादून में पुलिस केस भी दर्ज किया गया था, जिसके बाद से ही स्थानीय संगठन उनका विरोध कर रहे थे।

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