भगवान श्रीकृष्ण के 5 वक्त की नमाज पढ़ने का दावा करने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वकील मोमिन मलिक की याचिका पर सुनवाई करते हुए पानीपत कोर्ट ने मौलाना सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 12 अगस्त को तलब किया है।

प्रवीण भारद्वाज,पानीपत। श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए एक कथित बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी के उस दावे पर अब सवाल उठ रहे हैं, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि श्रीकृष्ण 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे।

मोमिन मलिक ने जताया विरोध

इस मामले को लेकर मुस्लिम लीगल एंड ट्रस्ट इंडिया के चेयरमैन और जाने-माने अधिवक्ता मोमिन मलिक ने कड़ा विरोध जताया है। मोमिन मलिक वर्तमान में गुलाम हैदर का केस लड़ रहे हैं।

मोमिन मलिक का कहना है कि उन्होंने इस विषय पर काफी रिसर्च की है। उनके अनुसार, मुस्लिम इतिहास या किसी प्रामाणिक ऐतिहासिक स्रोत में ऐसा कोई उल्लेख नहीं मिलता कि भगवान श्रीकृष्ण 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे। इस बयान से न सिर्फ हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि मुसलमान भी इसकी निंदा कर रहे हैं।

पब्लिसिटी के लिए दिया बयान

मोमिन मलिक ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर पब्लिसिटी हासिल करने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक महापुरुषों को लेकर बिना प्रमाण के दावे करना समाज में भ्रम और विवाद पैदा कर सकता है।

कोर्ट में मौलाना तलब

बताया जा रहा है कि मौलाना जर्जिस अंसारी को 12 अगस्त को पानीपत कोर्ट में तलब किया गया है। कोर्ट की ओर से इस मामले में सख्त आदेश जारी किए जाने की बात भी सामने आई है। वहीं, इस मामले में एडवोकेट मोमिन मलिक ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब को भी पार्टी बनाते हुए याचिका डाली थी।

सोशल मीडिया कंपनियों को समन

अब कोर्ट ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब को भी तलब किया है। इस मामले में सभी की नजर 12 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर टिकी है।

क्या मौलाना जर्जिस अंसारी अपने बयान के समर्थन में कोई प्रमाण पेश करेंगे या फिर कोर्ट में उनसे जवाब मांगा जाएगा, यह आने वाला समय बताएगा। फिलहाल, श्रीकृष्ण के 5 वक्त की नमाज पढ़ने के कथित दावे को लेकर सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक बहस तेज हो गई है।