Budh Gochar 2026 : धर्म डेस्क : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 29 जून को बुध कर्क राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे है और वक्री गति से चलते हुए 7 जुलाई को मिथुन राशि में लौट आएंगे. जहां यह 23 जुलाई तक रहेंगे. बुध ग्रह को बुद्धि, संवाद, तर्क और रिश्तों में समझ का कारक माना जाता है. 29 जून से 23 जुलाई तक बुध का यह बड़ा बदलाव सीधे तौर पर आपके प्रेम संबंध, दांपत्य जीवन और पार्टनर के साथ ताल-मेल को प्रभावित करेगा.

कर्क राशि में में बुध ग्रह भावनाओं को गहराता है. जिससे रिश्तों में संवेदन शीलता बढ़ती है, जबकि मिथुन राशि में बुध ग्रह अपनी स्वयं की राशि में आकर संवाद, आकर्षण और कनेक्शन को मजबूत करता है. इस दौरान हर एक राशि के अलग-अलग भाव सक्रिय होंगे. जिससे किसी के रिश्ते मजबूत होंगे तो कहीं गलत फहमियां भी जन्म ले सकती है. आइए जानते हैं कि किस राशि के किस भाव में बुध का गोचर आपके साथी के साथ रिश्तें पर क्या असर डाल सकता है.

Budh Gochar 2026 : मेष राशि

बुध ग्रह कर्क में चौथे भाव और मिथुन में तीसरे भाव में रहेगा. जिससे घर-परिवार में पार्टनर के साथ नजदीकी बढ़ेगी . लेकिन छोटी-मोब्टी बहस भी संभव है.

वृषभ राशि

यहां बुध तीसरे भाव में गोचर करेंगे और मिथुन में दूसरे भाव में रहेगा. जिससे संवाद बेहतर होगा, पर आर्थिक मामलों को लेकर तनाव आ सकता है.

Budh Gochar 2026 : मिथुन राशि

मिथुन में बुध का गोचर दूसरे भाव में और फिर पहले भाव में गोचर करेगा. जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और पार्टनर के साथ आकर्षण मजबूत होगा.

कर्क राशि

कर्क के लिए बुध पहले और बारहवें भाव में रहेगा. जिससे भावुकता बढ़ेगी और कभी-कभी दूरी या गलत फहमी भी जन्म लेगी. लेकिन स्थायी नहीं.

सिंह राशि

बुध बारहवें और ग्यारहवें भाव में रहेगा. जिससे शुरुआत में दूरी बढ़ेगी और बाद में धीरे-धीरे रिश्तों में सुधार होगा.

Budh Gochar 2026 : कन्या राशि

बुध का गोचर कन्या राशि में ग्यारहवें हाेगा और ​बुध के मिथुन राशि में आने पर दसवें भाव में रहेगा, जिससे साथी का सहयोग मिलेगा, लेकिन काम के कारण समय कम मिल पाएगा.

तुला राशि

तुला राशि के लिए बुध दसवें और मिथुन में गोचर र नौवें भाव में रहेगा, जिससे जिम्मेदारियां बढ़ेंगी. लेकिन नई सोच रिश्तों को मजबूत करेगी.

वृश्चिक राशि

बुध नौवें और आठवें भाव में रहेगा. जिससे भाग्य का साथ मिलेगा, पर रिश्तों में गहराई के साथ शंका भी बढ़ सकती है. जिससे बचना होगा.

धनु राशि

बुध का गोचर आठवें और सातवें भाव में वक्री अवस्था में रहेंगे. जिससे शुरुआत में उतार-चढ़ाव और बाद में जीवनसाथी के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी.

मकर राशि

बुध सातवें और छठे भाव में रहेगा. जिससे पार्टनर के साथ समय बढ़ेगा, लेकिन छोटी-छोटी बातों पर विवाद संभव है.

कुंभ राशि

बुध दोनों राशियों में गोचर के समय छठे और पांचवें भाव में रहेगा. जिससे पहले तकरार और बाद में रोमांस बढ़ेगा.

मीन राशि

बुध पांचवें और चौथे भाव में रहने वाला है. जिससे प्रेम और खुशियां आएंगी, हालांकि पारिवारिक तनाव थोड़ा असर डाल सकता है.

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