मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 'म्हारी सड़क एप' की समीक्षा करते हुए शिकायतों के तुरंत समाधान के निर्देश दिए हैं। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई और डिफ़ॉल्ट ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। सड़कों से जुड़ी शिकायतों के समाधान में लापरवाही अधिकारियों और एजेंसियों पर भारी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने “म्हारी सड़क एप” की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि एप पर आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित जनपरिवाद बैठकों और उपायुक्तों की मासिक समीक्षा बैठकों में “म्हारी सड़क एप” पर प्राप्त कम से कम एक बड़ी शिकायत की अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए, ताकि शिकायत निस्तारण प्रणाली अधिक प्रभावी बन सके।

चंडीगढ़ सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि “म्हारी सड़क एप” का दूसरा संस्करण दिसंबर 2025 में लॉन्च किया गया था। अब तक प्रदेश की 1,43,065 सड़कों की मैपिंग की जा चुकी है, जिनकी कुल लंबाई लगभग 63,389 किलोमीटर है। अधिकारियों के अनुसार एप के माध्यम से अब तक 31,939 शिकायतों का समाधान भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सड़कों की जियो-टैगिंग में तेजी लाने और शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “म्हारी सड़क एप” के प्रति लोगों को अधिक जागरूक किया जाए। विशेष रूप से ओला और उबर जैसी टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े चालकों तक ऐप की जानकारी पहुंचाने और आरटीओ कार्यालयों में टैक्सी पासिंग के लिए आने वाले चालकों के मोबाइल में भी यह एप डाउनलोड करवाने को कहा गया, ताकि सड़क संबंधी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंच सकें।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क मरम्मत में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि डीएलपी (Defect Liability Period/दोष दायित्व अवधि) के तहत कोई ठेकेदार सड़क की मरम्मत नहीं करता है तो उसकी बैंक गारंटी जब्त की जाए। तीन बार ऐसी कार्रवाई होने पर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा कुछ जिलों में विभागों के बीच ट्रांसफर होती रही लंबित शिकायतों को लेकर एक दर्जन से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के लिए शॉर्ट-टाइम टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि बिड सबमिशन के 10 दिनों के भीतर काम शुरू हो सके। साथ ही अंतरराज्यीय बॉर्डर क्षेत्रों की सड़कों, पुलों और दीवारों के सौंदर्यीकरण, नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव पर भी विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए।