हरियाणा के यमुनानगर जिले में ग्राम पंचायत कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी करने पर बड़ी कार्रवाई हुई है। उपायुक्त प्रीति ने दामला गांव की महिला सरपंच गुरबख्शी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

यमुनानगर। जिले के गांव दामला की सरपंच गुरबख्शी को गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त प्रीति द्वारा जारी तीन पन्नों के आदेश में पंचायत कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी, विभागीय नियमों की अनदेखी और पंचायत भूमि से बिना अनुमति मिट्टी उठाने जैसे मामलों का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों की शिकायतों और विभिन्न विभागों की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार गांव के सुरेश कुमार, मोहित कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने पंचायत कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत प्रशासन को दी थी। आरोप था कि ग्राम पंचायत द्वारा स्ट्रीट लाइट खरीद में भारी गड़बड़ी की गई और पंचायत फंड का गलत इस्तेमाल हुआ। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करवाई।

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पंचायत द्वारा खरीदी गई 100 एलईडी स्ट्रीट लाइटों पर 3 लाख 83 हजार 499 रुपये खर्च दर्शाया गया, जबकि संबंधित कंपनी के कोटेशन के अनुसार इनकी वास्तविक कीमत 3 लाख 45 हजार 900 रुपये थी। इस तरह 37 हजार 599 रुपये की अधिक अदायगी पाई गई। अधिकारियों ने इसे वित्तीय अनियमितता माना है। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि खरीद प्रक्रिया में विभागीय नियमों और तकनीकी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया तथा रिकॉर्ड में सेंसर संबंधी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी।

मामले में पंचायत भूमि से बिना अनुमति मिट्टी उठाने के आरोप भी जांच में शामिल रहे। खनन विभाग की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मिट्टी उठाने से पहले आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन ने सरपंच से जवाब भी मांगा था, लेकिन जांच एजेंसियों को उनके जवाब और रिकॉर्ड में कई विसंगतियां मिलीं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद की रिपोर्ट और संबंधित विभागों की टिप्पणियों के आधार पर उपायुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान सरपंच पंचायत की किसी बैठक या कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।