अनमोल मिश्रा, सतना। सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में 29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई थी। करीब 10 दिन बाद जिले के प्रभारी मंत्री व प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुधवार को चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

प्रभारी मंत्री कैलाश विजवर्गीय ने बाढ़ प्रभावित बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और साधु-संतों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने के साथ ही सहायता राशि के चेक भी सौंपे गए। मंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है और राहत-पुनर्वास के कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

रसोई स्थल पहुंचकर चखा भोजन

कैलाश विजयवर्गीय ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैयार किए जा रहे भोजन की व्यवस्था देखी और स्वयं भोजन का स्वाद चखकर गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को नियमित रूप से पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

भगवान कामतानाथ के किए दर्शन

चित्रकूट प्रवास के दौरान प्रभारी मंत्री ने प्राचीन मुखारविंद मंदिर पहुंचकर भगवान श्री कामतानाथ जी महाराज के दर्शन-पूजन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं आपदा से प्रभावित परिवारों के जल्द पुनर्वास की कामना की। गौरतलब है कि 29 अगस्त को मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट में भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ के पानी ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया था और बड़ी संख्या में लोगों के घर, सामान तथा आजीविका प्रभावित हुई थी। हजारों लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले चुके हैं और पीड़ित परिवारों को हरसंभव राहत व सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिला चुके हैं। प्रशासन की ओर से अब राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक सहायता पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है।

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