कुंदन कुमार, पटान। जमुई कांड को लेकर बिहार में सियासी पारा हाई हो चुका है। जमुई यौन उत्पीड़न मामले में नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर करने का आरोप लगाते हुए राजद सांसद मीसा भारती आज शुक्रवार की शाम सचिवालय थाने पहुंची और सीएम सम्राट चौधरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने की मांग की। मीसा भारती के पहुंचते ही थाना अध्यक्ष थाना छोड़कर फरार हो गए।

सम्राट चौधरी किस खेत के मूली-भंटा?

मीसा भारती ने कहा कि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कल जमुई कांड की पीड़िता के पहचान को सार्वजनिक कर POCSO ACT 2012 की धारा 23 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 कि धारा 74 के तरह केस बनता है, जिसके लिए आज वह सचिवालय थाने में सीएम के खिलाफ FIR दर्ज करने पहुंची हैं।

मीसा भारती ने कहा कि, मुख्यमंत्री हैं तो क्या उनको पीड़िता को परेशान करने का अधिकार प्राप्त है? इस देश का CJI भी कानून से ऊपर नहीं है, तो फिर ये सम्राट चौधरी किस खेत के मूली-भंटा है? उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि, मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR तो सचिवालय थाना को लिखना ही होगा।

अपराधी की कोई जाति नहीं होती- मीसा भारती

वहीं, सत्ता पक्ष के नेताओं के बयान पर मीसा भारती ने कहा कि, उन लोगों को अभी भी लग रहा है कि प्रदेश के यानी बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव हैं और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव है, तो उन लोगों को मैं बताना चाहती हूं कि राजद का कोई नेता नहीं है और कोई भी अपराधी अगर अपराध करता है, तो उसमें जाति देखकर भेदभाव नहीं करना चाहिए। अपराधी कोई भी हो सीधे वह दोषी है, जो सजा है वह उसे मिलनी चाहिए और बिहार में जाति देखकर आप जो भेदभाव कर रहे हैं ना यह बहुत गलत है।

जानें क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि सीएम सम्राट चौधरी ने कल गुरुवार (24, सितंबर) को लोक सेवक आवास में जमुई की पीड़ित छात्रा और उनके परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मुलाकात की तस्वीरें बिना ब्लर किए अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पर भी शेयर की थी, जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मुख्यमंत्री पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि विवाद बढ़ता देख बाद में उस पोस्ट को हटा लिया गया। लेकिन अब इस मामले में मीसा भारती सीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सचिवालय थाने पहुंच गईं।

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