कुंदन कुमार, पटना। राजद सांसद मीसा भारती ने आज राघोपुर पहुंचकर हाल ही में नाव हादसे का शिकार हुए पीड़ित परिवार से मुलाकात की और गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस दुर्घटना को बेहद मर्मस्पर्शी बताते हुए कहा कि ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना दुश्मन के घर में भी नहीं होनी चाहिए, जहां इतने छोटे-छोटे मासूम बच्चों की जान चली गई।

​सरकार पर तीखा हमला

मीसा भारती ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में इतना भीषण बाढ़ आया, लेकिन सरकार ने इसे बाढ़ग्रस्त क्षेत्र तक घोषित नहीं किया। इसका परिणाम यह हुआ कि देश के बड़े उद्योगपतियों ने असम सरकार को तो बाढ़ राहत के लिए सहायता राशि दी, लेकिन बिहार को एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सुध बिल्कुल नहीं ले रही है और राहत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

​प्रशासनिक लापरवाही और जर्जर नाव का मुद्दा

घटना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि गंगा किनारे के गांवों में आवागमन के लिए नाव की सुविधा दी जाती है, लेकिन प्रशासन ने बेहद जर्जर और असुरक्षित नाव मुहैया कराई थी। यह साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर इस तरह की व्यवस्था की जा रही है और दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रशासन को इसका जवाब देना होगा कि इस तरह की नाव क्यों दी गई और दोषियों पर अब तक शिकंजा क्यों नहीं कसा गया।

​नेताओं के दौरे पर तंज

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए मीसा भारती ने कहा कि वे आए थे, लेकिन पीड़ित परिवार के लिए किया क्या? सरकार के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। नेता सिर्फ आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और चले जाते हैं। बाढ़ के स्थायी समाधान की सिर्फ बातें होती हैं, लेकिन जमीन पर आम जनता को कोई सुविधा नहीं मिल रही है।