पंकज श्रीवास्तव, छपरा। छपरा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने एनडीए समर्थित उम्मीदवार आनंद पुष्कर को भारी मतों से जिताने की पुरजोर अपील की है।

​पिता की विरासत और शिक्षकों की आवाज

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आनंद पुष्कर एक ऐसे आदरणीय शिक्षक नेता के सुपुत्र हैं, जिन्होंने हमेशा शालीनता के साथ सदन में शिक्षकों की आवाज उठाई थी। उनके अधूरे सपनों और कार्यों को पूरा करने के लिए ही आज आनंद पुष्कर चुनावी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे उन्हें प्रथम वरीयता का मत देकर विजयी बनाएं ताकि वे विधान परिषद में शिक्षकों के हितों की प्रभावी पैरवी कर सकें। साथ ही चेतावनी दी कि किसी अन्य प्रत्याशी को वोट देने से एनडीए की जीत प्रभावित हो सकती है।

​वित्त रहित शिक्षकों और शिक्षा बजट पर बयान

वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं से जुड़े सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समस्या पिछली सरकारों की देन है, जबकि एनडीए सरकार हमेशा से उन्हें सम्मानजनक वेतन और अधिकार देने के पक्ष में रही है। उन्होंने आगे कहा कि आज बिहार में शिक्षा विभाग का बजट सबसे बड़ा है। वर्ष 2005 से पहले जहां लाखों बच्चे शिक्षा से वंचित थे, वहीं आज हर प्रखंड में इंटर और डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच को जाता है, जिसे वर्तमान सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है।

​महाचंद्र प्रसाद सिंह और मंत्री दीपक कुमार के संबोधन

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेता महाचंद्र प्रसाद सिंह ने भी आनंद पुष्कर की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए कहा कि वे शिक्षकों की हर छोटी-बड़ी समस्या से अच्छी तरह वाकिफ हैं। पंचायती राज मंत्री दीपक कुमार ने दोटूक शब्दों में कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार सिर्फ आनंद पुष्कर ही हैं।

​बागियों पर कड़ी कार्रवाई

पार्टी लाइन से हटकर चुनाव मैदान में उतरने वाले नेताओं पर एनडीए ने सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा नेता राम पुकार सिन्हा और भाजपा नेता सह रिविलगंज प्रखंड प्रमुख राहुल राज ने इस चुनाव में नामांकन दाखिल किया था, जिसके बाद दोनों दलों ने अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।