पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में बुधवार को चार महीने से रुका हुआ वेतन न मिलने के कारण ट्रॉली कर्मियों ने अचानक कार्य बहिष्कार कर दिया, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं चार घंटे तक पूरी तरह प्रभावित रहीं। सुबह से ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया क्योंकि गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर उपलब्ध कराने वाला कोई नहीं था।

​वेतन न मिलने से भड़के आउटसोर्सिंग कर्मी

​अस्पताल में सेवाएं दे रहे करीब 100 से 150 आउटसोर्सिंग ट्रॉली कर्मियों ने काम ठप कर दिया और परिसर में धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कर्मियों ने संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी कर्मियों का कहना था कि उन्हें हर महीने मात्र 8 हजार रुपए का मानदेय मिलता है, जो पिछले चार महीनों से उनके खातों में नहीं भेजा गया है। समय पर वेतन न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।

​मरीजों को उठानी पड़ी भारी परेशानी

​अचानक हुए इस कार्य बहिष्कार का सीधा असर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ा। वार्डों से मरीजों को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच के लिए ले जाने या ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रॉली कर्मियों की हड़ताल के कारण तीमारदारों को खुद ही मरीजों को स्ट्रेचर पर ढोना पड़ा, जिससे अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए।

​पुराना विवाद और पहले भी हो चुका है प्रदर्शन

​कर्मचारियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। इससे पहले अगस्त 2023 में भी समय पर भुगतान न मिलने के कारण कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था। आउटसोर्सिंग कर्मी मोहित कुमार ने बताया कि बार-बार गुहार लगाने और अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी एजेंसी की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आया है। अधिकारियों के मौखिक आश्वासनों के सिवाय कर्मचारियों के हाथ हर बार निराशा ही लगी है। एजेंसी की लापरवाही के चलते गरीब तबके से आने वाले इन कर्मचारियों को हर बार आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।

​अधीक्षक के आश्वासन पर लौटे काम पर, दी चेतावनी

​हड़ताल की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और संबंधित एजेंसी के अधिकारियों को तलब किया। अधीक्षक के साथ हुई बातचीत और बुधवार शाम तक बकाया वेतन का भुगतान करने के लिखित आश्वासन के बाद कर्मचारी काम पर वापस लौटे। हालांकि, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर उनके बैंक खातों में बकाया राशि नहीं पहुंची, तो वे गुरुवार सुबह से दोबारा हड़ताल पर चले जाएंगे और कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।