कुंदन कुमार/पटना। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तीखे शब्दों में पार्टी के पिछले कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी 30 साल की हो गई है लेकिन बिहार की जनता आज भी उन 15 वर्षों के जंगलराज और वहां की गई करतूतों को नहीं भूल पाई है।
फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई तय
विभागीय स्तर पर चल रही जांच के संदर्भ में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग फर्जी शिक्षकों के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा जो कोई भी फर्जी डिग्री या गलत तरीके से नौकरी हासिल किए हैं उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जांच जारी है और दोषियों को चिन्हित कर उन पर कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को भी चेतावनी दी। मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों पर पैनी नजर रख रहा है जो अपने दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। अनुशासनहीनता और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आनंद किशोर पर लगे आरोपों का दिया जवाब
वहीं राजद द्वारा वरिष्ठ अधिकारी आनंद किशोर पर लगाए गए आरोपों के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले लोग खुद बताएं कि उनके पास करोड़ों की संपत्ति कहां से आई। उन्होंने कहा वे लोग अपने काले कारनामों और संपत्ति के स्रोत का जवाब नहीं देते हैं, लेकिन दूसरों पर अनर्गल आरोप लगाते हैं। हालांकि मंत्री ने आश्वस्त किया कि अगर कोई आरोप लगा रहा है, तो सरकार की नजर उस पर भी है। यदि आरोपों में दम होगा, तो कानून के दायरे में रहकर उसकी निष्पक्ष जांच जरूर की जाएगी।
शिक्षा मंत्री की इन टिप्पणियों ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है जहां एक ओर पार्टी के स्थापना दिवस के जश्न की चर्चा है, तो वहीं दूसरी ओर सरकार की सख्ती और आरोपों की राजनीति ने माहौल को गरमा दिया है।

